रिपोर्ट- अमित कुमार!
मधुबनी, बिहार – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे के दौरान मधुबनी में एक ऐतिहासिक जनसभा का आयोजन हुआ, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले पर पाकिस्तान और आतंक के आकाओं को सख्त चेतावनी दी। वहीं मंच पर एक दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला, जब केंद्रीय मंत्री ललन सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुर्सी पर जा बैठे, जिससे राजनीतिक हलकों में बिहार के भविष्य को लेकर नई अटकलें तेज हो गईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से कहा, “भारत की आत्मा पर हमला करने वालों को ऐसी सजा दी जाएगी, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। अब आतंकियों की बची-कुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है।”
उन्होंने कहा कि यह हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं, बल्कि भारत की आस्था और अखंडता पर हमला है। “देश के 140 करोड़ लोगों की इच्छाशक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़ देगी,” पीएम मोदी ने दृढ़ता से कहा।
सभा में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी आतंकी घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि “प्रधानमंत्री का नेतृत्व दृढ़ है, और समय आने पर करारा जवाब जरूर मिलेगा।”
इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मंच साझा किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि “देश एकजुट है, और आतंक के खिलाफ केंद्र के हर कदम में राज्य सरकार साथ है।”
लेकिन इस मंचीय समरसता के इतर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने कहा, “बिहार में अफसरशाही हावी है, मुखिया जैसे जनप्रतिनिधियों को धमकाया जा रहा है। पलायन, बेरोजगारी और महंगाई में बिहार सबसे आगे है। तीन से चार करोड़ लोग रोज़गार के लिए बाहर जा चुके हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “यह सरकार बीस साल से चल रही है, लेकिन जनता की बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं। अब समय आ गया है कि 2025 में NDA की सरकार को उखाड़ फेंका जाए।”
तेजस्वी ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “जनता के सुख-दुख में भागीदार बनिए और सरकार बदलिए। बिहार के साथ सबसे ज्यादा सौतेला व्यवहार इसी सरकार में हुआ है। हमें आपका आशीर्वाद चाहिए ताकि बदलाव लाया जा सके।”
जहां एक ओर मंच पर NDA की एकता और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर दृढ़ता का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर विपक्षी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार की सियासत अब निर्णायक मोड़ पर खड़ी है।




