रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
35 वर्षों से श्रध्दा व धूम धाम से मनाया जा रहा है यहां चैती दुर्गा पूजा
मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड के मलंगिया गांव में चैती दुर्गा पूजा 35 वर्षों से श्रध्दा एवं धूमधाम से मनाया जा रहा है। गांव में यहां के लोगों ने चैत्र नवरात्रा पूजा वर्ष 1991 में प्रथम बार माता रानी का स्थापित कर प्रारंभ किया गया था। इस पूजा कि स्थापना परमानंद कुंवर व देवनदन सिंह उर्फ देवन सिंह,ब्रज नारायण झा की अध्यक्षता में गांव के लोगों के सहयोग से किया गया। तत्कालीन पूजा का कमिटी के अध्यक्ष परमानन्द कुंवर थे। तब से यहां लगता पूजा ग्रामीणों के सहयोग से बड़ी ही धूम धाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता आ रहा। चैती दुर्गा पूजा में माता रानी के दर्शन करने दूर दूर से भक्त यहां आकर माता रानी के दरबार में माथा टेक कर अपना मनोकामना पूर्ण करने की अर्जी लगाते हैं। वहीं मंदिर के पुजारी आचार्य फिरन मोहन झा ने बताया है कि माता रानी सबका अर्जी सुन मनोकामना पूर्ण करती हैं। बताते चलें कि आज सप्तमी तिथि को पूजित बेल को वृक्ष से पूजन कर उक्त निमंत्रण बेल को माता रानी के डोली में बैठा कर माता रानी के दरबार में लाया गया तथा विधि विधान पूर्वक पूजा पाठ कर माता रानी का नयन दिया गया। फिर गाजे बाजे व जयकारों के साथ पूजा पाठ कर माता रानी की पट को भक्तों के लिए खोल दिया गया। पट खुलते ही जयकारों से गूंज उठा मंदिर परिसर। साथ ही इस मौके पर मौजूद आसपास के गांवो के देवी भक्तों ने भी माता रानी का पहला दर्शन कर अपनी अपनी मन्नतें मांगी। इस दौरान पूजा कमेटी के द्वारा बताया गया है कि इस पूजा के दौरान मंदिर परिसर में भव्य मेले का भी आयोजन किया जाता है। जहां आए हजारों की संख्या में भक्तों ने माता रानी के दर्शन कर मेले का आनंद भी बरे ही उत्साह के साथ कर रहे हैं। यहां संध्या में भजन कीर्तन का भी आयोजन किया जाता है। साथ ही रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता रहा है। मेले में विभिन्न प्रकार के मीना बाजार के साथ मिठाई, खिलौने, झूले,छोले भटूरे, सौन्दर्य प्रसाधन की दुकान, चाय नाश्ता की दुकानें, सहित अन्य दुकानें लगाई गई है।वहीं देवी भक्तो में काफी खुशी देखी गई तथा भक्तो ने बताया की गांव में दुर्गा पूजा के अवसर पर प्रदेश में रहकर अपना जीवन यापन करने वाले लोग यहां दुर्गा पूजा में हर वर्ष गांव आते हैं और माता रानी की भक्ति में लीन होकर सच्चे दिल से पूजा पाठ करते हैं।




