रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
आम के बगीचे में देर रात गेंगवार में एक को लगी गोली, मौके पर पहुंच कर पुलिस कर रही है परताल
मधुबनी जिले के रहिका
थाना क्षेत्र अंतर्गत नाजिरपुर गांव पेट्रोल पंप के समीप आम के बगीचे में गुरुवार की देर रात दो पक्षो के बीच गोलीबारी की घटना में एक गंभीर रुप से जख्मी होने कि बात बताया जा रहा है। घटना स्थल से पुलिस को दो जिंदा कारतूस ,चार खोखा और गोली पुलिस बरामद हुई है। मिली सूचना के अनुसार गुरुवार की देर रात घटना स्थल के समीप बगीचे में नशा सेवन को लेकर अपराधी किस्म के लोगों की जमाबड़ा हुई थी। इसी दौरान कुछ देर बाद बातो बात में फायरिंग होना प्रारंभ हुआ। जिसमें कई रांउड फायरिंग होने की बात बतायी जा रही है। लोगों ने अहले सुबह बेहोशी की हालात में एक व्यक्ति को देखा गया। इस बात की सूचना पुलिस को दी गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर गंभीर रुप से जख्मी को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। जहां से चिकित्सक ने बेहतर इलाज को लेकर घायल को रेफर कर दिया।जिस के बाद घायल को शहर के किसी निजी अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा में भर्ती कराया गया, जहां घायल का इलाज किया जा रहा है। पुलिस गिरफ्त में आये गंभीर रुप से जख्मी का पहचान राहुल कुमार ऊर्फ स्वीच आफ, गांव मितौली, थाना रहिका के रुप में गई है। थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार ने बताया है की घायल के टांग और हाथ में गोली लगी है। युवक अपराधी किस्म का व्यक्ति हैं। इनके विरुद्ध पहले से चार मामले में थाना में प्राथमिकी दर्ज है। थाना अध्यक्ष ने आगे घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि दो गुटों में गोली बारी हुई है। कितने राउंड गोली चली इसकी जानकारी नहीं है। बहरहाल पुलिस इलाजरत आरोपी से फर्द बयान के आधार पर घटना का अनुसंधान कर रही है। फर्द बयान के आधार पर इस गोलीबारी की घटना में शामिल आरोपी को पहचान करते हुए गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार छापामारी कर रही है।लगातार क्षेत्र में गोली बारी की घटना से लोगों में दहशत व्याप्त है। इसके साथ ही थाना क्षेत्र के सुनसान जगहों पर असमाजिक तत्वों के लोगों का समय समय पर जमावड़ा बना रहता है।जिसकी जानकारी लोगों के बीच है। लेकिन क्षेत्र में तैनात चौकीदार कहीं रहता ही नहीं है। या रहता है तो इस बात की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी जाती है। यह चर्चा का विषय बना हुआ है। आपको यह भी बता दूं कि नाज़िरपुर गांव तीन थाना क्षेत्रों के बोर्डर यानी लास्ट छोर पर है लेकिन तीनों थाना जैसे रहिका, कलुआही और राजनगर की गस्ती गाड़ी कभी भी इस बॉर्डर एरिया का लास्ट छोर पर नहीं देखी जाती है। गश्ती करते हुए इन थाना की गाड़ी को यहां नहीं आने से स्थानीय लोगों मे आक्रोश है। इन का कहना है कि आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती है। लेकिन प्रशासन का नजर इन क्षेत्रों के तरफ नहीं रहती है।




