रिपोर्ट- आशुतोष पांडेय!
किसी ने सच ही कहा है की होनहार बिरवान के होत चिकने पात। आज बिहार बोर्ड के 10वीं के परीक्षा का परीक्षा जारी हुआ है। जिसमें भोजपुर जिले के अगिआंव बाजार थाना क्षेत्र के पिटरो गांव के रहने वाले रंजन वर्मा ने 489 अंक लाकर पूरे बिहार में टॉपर की लिस्ट में अपना सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। रंजन वर्मा के पिता की डेढ़ साल पहले निधन हो गया था। रंजन वर्मा की मां ने बताया कि मेरा बेटा बहुत पड़ता था और जब तक उसका कांसेप्ट क्लियर नहीं होता था वह पढ़ता ही रहता था ।दिन हो या रात हो मैं भी उसके साथ रात-रात भर जगी रहती थी ,ताकि मेरा बेटा एक दिन टॉपर बने और आखिरकार आज मेरा बेटा टॉपर बना ही गया ।उनके मन की आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे थे ।मगर वह खुशी के मौके पर सबको बधाई दे रही थीं।रंजन की माँ अपने बेटे को आई ए एस बनाना चाहती है। रंजन वर्मा की मां सीमा देवी ने बताया कि वह अपने बेटे को आई ए एस बनाने के लिए अपना खेत भी बेच देंगी और अपने बेटे का सपना पूरा करेंगी। हालांकि रंजन वर्मा का भी सपना है कि वह एक दिन आईएएस ऑफिसर बने ।रंजन वर्मा ने खुद बताया कि उनके पढ़ाई में डेली के रुटीन के अनुसार 8 से 10 घंटे की पढ़ाई शामिल रहती थी। जिसमें वह ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही तरह से पढ़ाई करते थे ।वह प्राइवेट कोचिंग का भी सहारा लेते थे और लगातार अपने पढ़ाई के प्रति ईमानदारी दिखाते थे। हालांकि रंजन वर्मा ने यह भी बताया कि हमारी जॉइंट फैमिली है और मेरे पिता के नहीं रहने के बाद मेरा परिवार ही मेरे आगे की पढ़ाई को जारी रखने में मदद करेगा। रंजन के टॉपर बनने के बाद आज उसके गांव पिटरों में लोग बधाई देने के लिए उसके घर पहुंच रहे हैं वहीं रंजन वर्मा भी खुशी से फुले नहीं समा रहा है। रंजन वर्मा के पिता पेशे से किसान थे और रंजन वर्मा खुद जब समय मिलता था तो अपने खेत में काम करने चला जाता था और वहीं पर काम करने के बाद पढ़ाई भी जारी रखता था। रंजन वर्मा के इसी लगन ने आज उसे बिहार का टॉपर बनाया है।
बाइट/-रंजन कुमार वर्मा(टॉपर १०वी परीक्षा बिहार बोर्ड)
बाइट/-सीमा देवी(माँ रंजन वर्मा)




