रिपोर्ट- सुमित कुमार!
वक्फ बिल के विरोध में मुस्लिम समाज ने काला बिल्ला लगा अदा की रमजान महीने के आखिरी जुम्मे की नमाज तो खानकाह रहमानी मुंगेर के सज्जादानशीं और अमीर-ए-शरीअत बिहार, उड़ीसा, झारखंड और पश्चिम बंगाल, हज़रत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने इस बिल के विरोध में कही बड़ी बात । साथ ही राजद में जाने के तमाम अटकलों को किया खारिज और मुख्यमंत्री बिहार को दी नसीहत ।
मुस्लिमों की बड़ी संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रमजान महीने के आखिरी जुमे की नमाज में काली पट्टी बांधने की अपील की है। जिसके बाद आज मुंगेर के खानकाह रहमानी सहित सभी मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आखिरी जुम्मे की नमाज मे अपने दाएं बांह पर काला पट्टी लगा अदा की। खानकाह रहमानी मुंगेर के सज्जादानशीं और अमीर-ए-शरीअत बिहार, उड़ीसा, झारखंड और पश्चिम बंगाल, हज़रत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी साहब की मार्गदर्शन में खानकाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने काला बिल्ला लगा के नमाज अदा की । नमाज अदा करने बाद हजरत ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि वफ्फ बिल लाया जा रहा है । जिससे अल्पसंख्य समुदायों सहित बहुसंख्यक भी वैसे लोग परेशान है जो संविधान में विश्वास रखते है । इस बिल से जितने भी अल्पसंख्यक समुदाय है सभी को खतरा है ।इस कारण पटना में भी प्रदर्शन हुआ था । सबको लगता है कि यह बिल तमाम अल्पसंख्यकों को खत्म करने वाला बिल है। अगर यह बिल पास हो जाता है को अपने पैसे से बनाए घर , अस्पताल , यूनिवर्सिटी मस्जिद सभी खत्म हो जाएंगे । तमाम लोग परेशान है कि आखिर हुकूमत को क्या हो गया है । अपने इसी परेशानी को दिखाने को ले काला बिल्ला लगा आज नमाज पढ़ रहे है । ताकि हुकूमत देख सके कि लोग कितने परेशान है। साथ ही कहा कि हुकूमत में भी काफी पढ़ें लिखे लोग है और अगर हुकूमत को हमारी परेशानी दिख जाएगी तो वे बिल को आगे नहीं बढ़ाएंगे और जब तक उन्हें हमारी परेशानी नहीं दिखेगी यह सिलसिला चलता रहेगा । हम लोग सभी परेशान है कि मुल्क किधर जा रहा है ।
बाइट – हज़रत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी अमीर-ए-शरीअत बिहार, उड़ीसा, झारखंड और पश्चिम बंगाल,




