रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
मुजफ्फरपुर
बिहार में हरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन की दिशा में ऐतिहासिक कदम: ‘Renewable Energy & Electric Vehicle Expo 2025’
पटना, 21-23 मार्च 2025 – बिहार की धरती पर औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात करते हुए, ‘Renewable Energy & Electric Vehicle Expo 2025’ का भव्य आयोजन पटना के ज्ञान भवन में होने जा रहा है। यह केवल बिहार, झारखंड और उड़ीसा ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए ग्रीन एनर्जी और ई-मोबिलिटी क्षेत्र में निवेश और नवाचार को गति देने वाला सबसे बड़ा मंच होगा। इस एक्सपो का उद्देश्य अक्षय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति जागरूकता फैलाना, उद्योगों और ग्राहकों के बीच समन्वय स्थापित करना, तथा बिहार में सतत विकास की नई संभावनाओं को मूर्त रूप देना है।
इस आयोजन में 70 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ भाग ले रही हैं, जो इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा तकनीकों, बैटरी स्टोरेज सॉल्यूशंस, फाइनेंसिंग एवं इंश्योरेंस जैसी सुविधाओं का व्यापक प्रदर्शन करेंगी। ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहनों के ‘टेस्ट ड्राइव’ की भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि लोग खुद इनके प्रदर्शन और क्षमताओं को अनुभव कर सकें।
अक्षय ऊर्जा और ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में बिहार का बढ़ता कदम
आज जब पूरा विश्व पर्यावरणीय संकट से जूझ रहा है, तब अक्षय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना ही एकमात्र समाधान बन चुका है। यह एक्सपो बिहार को ‘स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी’ के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
इस आयोजन के प्रमुख लक्ष्य इस प्रकार हैं—
बिहार और भारत में अक्षय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देना।
बिहार में व्यवसाय और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए निवेशकों और कंपनियों को आकर्षित करना।
इलेक्ट्रिक वाहन पार्क (EV Park) स्थापित कराना, जहाँ नई कंपनियाँ अपने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर सकें। लोगों को ई-रिक्शा, ई-बाइक, ई-ऑटो जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना और उन्हें आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करना।
सरकार, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और समाज के बीच एक सार्थक संवाद स्थापित कर इस क्षेत्र में आवश्यक नीतिगत सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठाना।
इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण पर लगने वाले जीएसटी (GST) को 28% से कम कर तर्कसंगत स्तर पर लाना, जिससे निवेशकों और उद्योगपतियों को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
देश के प्रमुख उद्योगपति और निवेशक इस ओर विशेष ध्यान दे रहे हैं कि यदि इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण पर GST को मौजूदा 28% से कम किया जाता है, तो इससे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने में सहूलियत होगी और बिहार में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ेगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा और प्रमुख सत्र
दिनांक 21 मार्च 2025
प्रथम सत्र: उद्घाटन सत्र में माननीय उद्योग मंत्री, शिक्षा एवं तकनीकी मंत्री, पूर्व डीजीपी सह शिक्षाविद् अभयानंद जी तथा इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे, जहाँ ‘नवाचार और हरित तकनीक’ पर चर्चा होगी।
द्वितीय सत्र: माननीय राज्यपाल, माननीय पर्यटन मंत्री एवं पंचायती राज मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में बिहार में ‘ग्रीन एनर्जी और ई-मोबिलिटी’ को बढ़ावा देने पर विमर्श होगा।
दिनांक 22 मार्च 2025
प्रथम सत्र: बिहार दिवस के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध कवयित्री ममता मेहरोत्रा, भावना शेखर, सविता कुमारी, कुमार विरल सहित दर्जनों कवि अपनी रचनाओं से हरित भविष्य का संदेश देंगे।
द्वितीय सत्र: सरकार के विशेष सचिव विकास वैभव, विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि तथा विपक्ष के माननीय नेता नीति निर्माण पर विचार-विमर्श करेंगे।
दिनांक 23 मार्च 2025
प्रथम सत्र: परिवहन विभाग, उद्योग विभाग एवं ऊर्जा विभाग के प्रशासनिक पदाधिकारी, ट्रांसपोर्ट ओनर एसोसिएशन, ड्राइवर एसोसिएशन, मालवाहक एसोसिएशन और भारतीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के प्रतिनिधि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग और उससे जुड़ी नीतियों पर गहन चर्चा करेंगे।
समापन सत्र: माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय नेता प्रतिपक्ष की उपस्थिति में बिहार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर आवश्यक नीतिगत सुधारों पर मंथन किया जाएगा।
बिहार में व्यवसाय और रोजगार की नई संभावनाएँ
इस एक्सपो के माध्यम से बिहार में नए उद्योगों के विस्तार एवं हरित ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। इस पहल से—
नवीन तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और रखरखाव से हजारों रोजगार उत्पन्न होंगे।
सरकार और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी से बिहार को ‘ग्रीन एनर्जी हब’ बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
बिहार को इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए ‘EV पार्क’ की स्थापना की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे देश की अग्रणी कंपनियाँ अपने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बिहार में स्थापित कर सकें और राज्य का औद्योगिक विकास हो सके।
नवाचार और हरित ऊर्जा की ओर बिहार का बढ़ता कदम
इस आयोजन में विशेष रूप से उन युवाओं को प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा जो ई-रिक्शा, ई-बाइक, ई-ऑटो जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। इस दिशा में सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोग से—
व्यवसाय करने के इच्छुक लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी देने की पहल की जाएगी।
बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से ऋण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए ट्रेनिंग और सर्विस सेंटर की व्यवस्था की जाएगी।
सभी सहभागियों और आयोजकों को धन्यवाद
इस ऐतिहासिक आयोजन के संयोजक तमहिद कलीम, अध्यक्ष डॉ. अविनाश तिरंगा, सचिव अनिल द्विवेदी, कोषाध्यक्ष हसनैन आजिम, उपाध्यक्ष राजीव रंजन शिक्षाविद, मुकेश त्रिपाठी, रवि कुमार चौरसिया, उप सचिव कुंदन किशोर, सुनील गुप्ता तथा मीडिया समन्वयक धनंजय सिंह आदि ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और सभी सहभागियों को आमंत्रित किया।
बिहार की हरित औद्योगिक क्रांति में सहभागी बनें!
सभी मीडिया संस्थानों से आग्रह है कि इस ऐतिहासिक आयोजन को अधिक से अधिक प्रचारित करें और बिहार को इलेक्ट्रिक वाहनों और अक्षय ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में अपना सहयोग प्रदान करें।




