:- रागिनी शर्मा!

सनातन संस्कृति में भगवान श्री गणेश प्रथम पूज्य माने गये हैं। गणेश पूजा के बाद अन्य सभी प्रमुख त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है।
देवाधिदेव महादेव और आदि शक्ति माता पार्वती के पुत्र श्री गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है।
ऐसी मान्यता है कि जिस पर भगवान श्री गणेश की कृपा हो जाय उसे सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।
भगवान श्री गणेश हर कार्य को सिद्ध करने वाले माने जाते हैं। इनकी पूजा मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
भगवान श्री गणेश की पूजा का उत्सव मुख्य रूप से महाराष्ट्र का सबसे बड़ा धार्मिक त्योहार है। जहाँ ये उत्सव दस दिनों तक चलता है।
लेकिन पिछले कुछ दशकों से अब विघ्नहर्ता का ये उत्सव पूरे देश में पूरे उत्साह के साथ मनाया जाने लगा है।
बिहार के कई जिलों से भगवान श्रीगणेश पूजनोत्सव की तस्वीरें सामने आई हैं।
कुछ तस्वीरें हम आपके साथ साझा कर रहे हैं जो राजधानी पटना के विभिन्न क्षेत्रों से हमारे चैनल के पास भेजी गई है ताकी इन्हें हम आपतक पहुँचा सकें।
पूजा पंडालों में कोरोना गाइडलाइन के कारण एक बार मे बहुत सीमित संख्या में लोगों को आने की अनुमति है।
आयोजकों द्वारा कोरोना गाइडलाइन के पालन की भरसक कोशिश जारी है। इसी कारण इस साल पंडाल और मूर्ति तो है पर मीना बाजार, झूला, मेला आदि गायब है।
लोगों द्वारा भगवान विघ्नहर्ता से अपने परिवार समाज और देश के उन्नति की कामना के साथ ही इस वैश्विक महामारी से संसार को मुक्ति दिलाये जाने के लिये पार्थना की जा रही है।




