सीतामढ़ी से अविनाश कुमार की रिपोर्ट:

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट, सीतामढी शाखा के तत्वाधान मे मध्य विद्यालय परसपट्टी मे लगभग 400 स्कूली बच्चों के बीच करोना महामारी के संभावित तीसरी लहर के मदधेनज़र बच्चों के फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए फिजियोथेरेपी सलाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटनसत्र मे आई ए पी, सीतामढ़ी के संयोजक डॉ राजेश कुमार सुमन ने बताया की
चूंकि, अब कोरोना की संभावित तीसरी लहर बच्चों पर भी भारी पड़ सकती है इसलिए अब बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने और जल्द से जल्द वैक्सीन लाने पर जोर दिया जा रहा है। इस सबके साथ ही बच्चों के फेफड़ों को भी मजबूत और स्वस्थ्य बनाने पर ध्यान दिया जाना। डॉ राजेश ने बताया की आई ए पी सीतामढ़ी शाखा विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के तहत पूरे सप्ताह जागरूकता कार्यक्रम करेगी जिस से आप जनो को भी स्वस्थ्य रहने मे फिजियोथेरेपी की उपयोगिता की जानकारी मिल सकेगी। वही सदर अस्पताल मे कार्यरत फिजियो डॉ संतोष कुमार झा ने बताया की स्वस्थ्य फेफड़ों के विकास में एक्सरसाइज अहम भूमिका निभाती है। बच्चों को रोज एक्सरसाइज करना सिखाएं साथ ही बच्चों के पेरेंट्स को घर पर भी कोई फिजीकल एक्टिविटी एवं एक्सरसाइज करवाना चाहिए। उन्होंने विस्तृत रूप से बहुत सारे एक्सरसाइज बच्चों को बताया। बरिष्ठ फिजियो चिकित्सक डॉ गौरी शंकर प्रसाद ने बताया की बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ होता है और उनके फेफड़े भी छोटे होते हैं इसलिए उन्हें जल्दी इंफेक्शन और सर्दी-जुकाम हो जाता है। खाना खाने से पहले हाथ धोना और किसी भी चीज को हाथ लगाने के बाद हैंडवॉश करने की आदत से इंफेक्शन के खतरे को कम किया जा सकता है। कार्यक्रम मे डॉ शिखा एवं डॉ प्रसन्ना कुमार ने बच्चों के खाने में ताजे फल और सब्जियां शामिल करने
विटामिन ए और सी से युक्त चीजें खिलाने पर बल दिया।
कार्यक्रम मे डॉ हिमांशु कुमार,डॉ एम एन रहमान ,डॉ डॉली एवं डॉ आलोक कुमार ने भी बच्चों को स्वस्थ्य रहने के फिजियोथेरेपी टिप्स बताये।कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के प्राचार्य सरोज कुमार श्रीवास्तव ने की, कार्यक्रम का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन अरविन्द ठाकुर ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने मे जिला भारोतोलन संघ के सचिव सतीश यादव,बबन कुमार, छोटू झा एवं विद्यालय के शिक्षक का सहयोग सराहनीय रहा।कार्यक्रम के अंत मे सभी बच्चों को कलम व चॉकलेट दिये गये साथ ही शिक्षकों को फिजियोथेरेपी टिप्स की बुकलेट प्रदान किया गया।




