भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ ने दिल्ली घेरने का किया आह्वान!

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रिपोर्ट-एस एन श्याम/अनमोल कुमार

उठा पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा, संघ का दो दिवसीय सम्मेलन कोलकाता में संपन्न

हावड़ा। भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ को 8वीं तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन का हावड़ा में हुआ। कॉन्फ्रेंस नोक्स रेजिडेंसी हावड़ा में संपन्न हुआ। कार्यकम की अध्यक्षता बीएसपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पांडेय ने की जबकि संचालन बीएसपीएस के राष्ट्रीय महासचिव शाहनवाज हसन ने की। मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पांडेय ने बंगाल के पृष्ठभूमि में 9 जनवरी की ऐतिहासिक महत्ता के बारे में कई रोचक जानकारी साझा की। बीएसपीएस के राष्ट्रीय महासचिव शहनवाज हसन ने भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आज देश भर के पत्रकार संगठन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि सभी एक परिवार की तरह से अपनी चट्टानी एकता का परिचय दें।तीन दिवसीय सेमिनार में बीएसपीएस के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव सैयद नशरीन बीएसपीएस बंगाल प्रदेश अध्यक्ष शैलेश्वर पांडा, सचिव वाणीव्रत करा, संगठन सचिव सौरव सिन्हा, उपाध्यक्ष सुजित पाल और उनकी पूरी टीम ने देश भर के पत्रकारों का खूब ध्यान रखा। मौके पर बीएसपीएस के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी और कई प्रदेशों के प्रदेश अध्यक्ष के अलावे कई देश के पत्रकार शामिल थे। मौके पर मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अरुण सक्सेना ने कहा कि जब किसी पत्रकर की असमय मौत हो जाती है तो परिवार के समक्ष कई प्रकार की संकट उत्पन्न हो जाती है। कहा कि प्रदेश में भी पत्रकारों को संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है। जिन पत्रकारों की बात सरकार को अच्छी नहीं लगती उन पत्रकारों के ऊपर प्रकरण तक दर्ज कर दिया जाता है। छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष गंगेश द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश में पत्रकारों के उपर हिंसात्मक घटनाएं बढ़ीं हैं। जिससे चुनौतियां बढ़ी है। प्रदेश सरकार पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह बनी हुई है। आंध्रप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष वीर भद्र राव ने कहा कि 1978 से पत्रकारिता में हूं। पत्रकार आज क्यों रो रहे हैं, यह चिंता की बात है। आजकल पत्रकार को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है। पत्रकार क्या समझ रहे हैं वही वे लिख रहे हैं। अब एक योजना बना कर कार्य करनी पड़ेगी। आज जरूरी है कि भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ को सभी प्रदेश के पत्रकार आर्थिक रूप से मजबूत करें। इसके लिए संगठन की पत्रिका चौथा स्तंभ के लिए मिलकर कार्य करें। तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अगली नेशनल कांफ्रेंस चेन्नई में आयोजित कराने का प्रस्ताव रखा। हम पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं।
हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता इंदु बंसल जैन ने कहा कि जो मान और सम्मान किसी भी संगठन से मिला तो वह एक मात्र भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ से मिला। प्रदेश के एक कार्यक्रम में हमने पत्रकारों की सदस्यता हम अपने प्रदेश में मात्र 10 रुपए रखा जो देश भर में एक मिशाल है। डिजिटल के पत्रकारों को सरकार से सुविधा मिले यह मांग रही गई है।

उत्तरप्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि 46 जिलों में संगठन ईकाई है। सदस्यों की संख्या बढ़ी हैं। हम सभी सशक्त हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंदन मिश्रा ने कहा कि हमारा उद्देश्य साफ है वर्तमान काल पत्रकारिता का भक्तिकाल चल रहा है। खुश करने की कला आज संकटकाल बन चुकी है। हमें इससे उबरना पड़ेगा। उसी पत्रकारों की पहचान बनती है जो व्यवस्था के खिलाफ लिखते हैं। समय को पहचाने पत्रकार, जो सच है उसे लिखने ही हिम्मत करें। व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी से उबरने की जरूरत है। मौके पर विशेषज्ञ ने एआई तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। कहा कि आज एआई आर्थिक पहलू में काफी मददगार साबित हो रहा है। पत्रकारों के मामले में अब एक बड़ा आंदोनल करने की जरूरत है। सरकार के समक्ष अपनी बात रखनी होगी। हम सभी नई दिल्ली में एकत्रित होकर अपनी मांग को मजबूती के साथ रखना होगा। आपको शक्ति प्रदर्शन करनी ही होगी। चलो सभी नई दिल्ली का नारा दिया। बीएसपीएस अभी देश भर में सक्रिय है।
इस सम्मेलन में संघ के राष्ट्रीय सचिव एवं देश के चर्चित क्राइम रिपोर्टर तथा राष्ट्रपति के सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित एस एन श्याम, और संघ के बिहार प्रदेश अध्यक्ष कुमार निशांत के नेतृत्व में दस सदस्य पत्रकार जय प्रकाश सिंह, लीगल रिपोर्टर क्रांति कुमार, अमित कुमार मित्तल, संजय कुमार सिंह, बबलू कुमार, संजीव जायसवाल एवं नीरज कुमार इत्यादि शामिल हुए
संगठन सचिव गिरिधर शर्मा ने अपनी कविता और गजल के माध्यम से सभी में जोश भर दिया। कहा कि बंगाल की टीम ने जिस तरह से पत्रकारों का स्वागत किया वह काबिलेतारिफ है। पत्रकार सुरक्षा कानून को हर हाल में लागू करना ही होगा। हम उत्पीड़न से कदापि नहीं डरें। अपनी डर को दूर कर निर्भीक लेखन करनी चाहिए। हमारा कार्य हैं उनके साथ खड़े रहना तभी सरकारों के कान खड़े होंगे। राष्ट्रीय प्रवक्ता इंदु बंसल ने कहा कि आज पत्रकारों को अपने धर्म हैं का पालन करना चाहिए। उन्हें सच लिखने से डरें नहीं बेबाकी तरीके से लिखें। आज जरूरत है हम सभी पत्रकारों को आपसी विश्वास को बनाए रखना है। हमें कोई डिगा नहीं सकता।

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