रिपोर्ट – आदित्यनंद आर्य
– सीतामढ़ी के 30 मजदूरों के परिवारों में नए वर्ष में खुशिया लौटी है। पंजाब के कपूरथला जिला के आलू फॉर्म में सीतामढ़ी एवं नेपाल के बंधक बने 30 मजदूरों को मुक्त करा कर इन्हें अपने घर पहुंचाया गया है। सीतामढ़ी पुलिस एवं एसोशिएशन फॉर वॉलंट्री एक्शन ( बचपन बचाओ आंदोलन) के द्वारा यह कार्रवाई की गई। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर पंजाब पुलिस के सहयोग से बंधक बने इन मजदूरों को मुक्त कराए जाने की बड़ी कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि पंजाब के कपूरथला जिला के सदर थाना क्षेत्र में सिधमा गांव स्थित आलू फॉर्म से सीतामढ़ी और नेपाल के कुल 30 नाबालिग और वयस्क बंधुआ मजदूरों को सीतामढ़ी पुलिस एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन ( बचपन बचाओ आंदोलन) द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर नए वर्ष में इन परिवारों में खुशियां लौटाई गई । सीतामढ़ी डीएम रिची पांडेय के निर्देश पर डीएसपी नोडल विशेष किशोर पुलिस इकाई मो नजीब अनवर के मार्गदर्शन में नाबालिग एवं वयस्क मजदूरों को मुक्त करवाने के लिए टीम पंजाब गई और सभी बंधुआ मजदूर को मुक्त कराया गया। सीतामढ़ी पुलिस टीम का नेतृत्व महिला थाना की बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी रश्मि कुमारी ने किया । वही एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन ( बचपन बचाओ आंदोलन) के वरिष्ठ केन्द्रीय निदेशक मनीष शर्मा ने मामले पर त्वरित संज्ञान लिया जिसके उपरांत यह बड़ी कारवाई हुई है । एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन बिहार टीम की ओर से प्रोजेक्ट अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी का अहम योगदान रहा। आपसे बता दें कि चार माह पहले सीतामढ़ी जिला के सुरसंड प्रखंड क्षेत्र के मेघपुर गांव से नाबालिग एवं वयस्क मजदूरों को अच्छी मजदूरी दिलाने का झांसा देकर पंजाब के कपूरथला जिला ले जाया गया था। परिजनों की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई।
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