शहीद रामफल मंडल का 78वां शौर्य दिवस धुमधाम से मनाया गया!

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अविनाश कुमार की रिपोर्ट:

सीतामढ़ी। आजादी की लड़ाई में बंगाल विभाजन के बाद फांसी पर चढ़ने वाला बिहार का पहला अमर शहीद रामफल मंडल का 78 वां शहादत सह शौर्य दिवस विभिन्न विद्यालयों एवं संगठनों के द्वारा धूमधाम से मनाया गया। मध्य विद्यालय दोस्तपुर खैरवी , बथनाहा मैं प्रधानाध्यापक विनोद बिहारी मंडल की अध्यक्षता में छात्रों एवं ग्रामीणों के साथ सर दिवस मनाया गया। इस अवसर पर शहीद रामफल मंडल के जीवनी के लेखक सह जिला अध्यक्ष अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ सीतामढ़ी के प्रधानाध्यापक श्री मंडल ने शहीद रामफल मंडल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जो देश एवं समाज अपने महापुरुषों के इतिहास एवं बलिदान को याद रखता है वह सभी गुलाम नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि 24 अगस्त 1942 ईस्वी को सीतामढ़ी के बाजपट्टी चौक पर शहीद रामफल मंडल ने तत्कालीन अंग्रेज सरकार के एसडीओ, पुलिस इंस्पेक्टर इत्यादि 5 पदाधिकारियों की फरसा से गर्दन काट कर आजादी का रास्ता प्रशस्त किया। जिससे आरोप में 23 अगस्त 1943 ईस्वी को भागलपुर सेंट्रल जेल में फांसी हो गई। गांधी जी के द्वारा भेजे गए देश के जाने-माने बैरिस्टर सी आर दास और पीआर दास ने शहीद रामफल मंडल को जज के सामने झूठ बोलने को बार-बार कहा। बावजूद हर बार वह जज के सामने पूछने पर यह कहते रहे की हां हुजूर पहला फरसा मैंने ही मारा। इस तरह भारत मां को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने के लिए झूठ नहीं बोला और हंसते हंसते फांसी पर चढ़ गए। उन्होंने सीतामढ़ी के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में शहीद रामफल मंडल का शौर्य दिवस मनाने हेतु शिक्षा विभाग सीतामढ़ी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से शहीद रामफल मंडल की जीवनी पाठ्य पुस्तकों में शामिल कर ले, सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज का नाम शहीद रामपुर मंडल के नाम करने, बिहार विधानसभा के सामने शहीद रामफल मंडल की आदमकद दो प्रतिमा स्थापित करने, डाक टिकट जारी करने, सीतामढ़ी मंडल कारा का नाम शहीद रामफल मंडल मंडल कारा करने, जिला समाहरणालय में शहीद रामफल मंडल का प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि शहीद रामफल मंडल की जीवनी को अपने कर्मों एवं विचारों में स्थापित करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। समारोह में नरेंद्र नाथ ठाकुर, हरिनारायण राय, मोहम्मद मुस्तफा कमाल, मनोज कुमार, दीप नारायण चौधरी, रौशन चौधरी, धर्मशिला कुमारी, पुष्पा कुमारी, माला कुमारी, श्यामनंदन चौधरी, रमेश कुमार सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं छात्र उपस्थित थे। डुमरा प्रखंड के मध्य विद्यालय परोहा में प्रधानाध्यापक सरोज कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सर दिवस मनाया गया। इस अवसर पर दिलीप कुमार शाही, जिला सचिव, अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ सीतामढ़ी ने कहा कि शहीद रामफल मंडल के विचारों से सीखने की जरूरत है। वकील के झूठ बोलने के लाख मना करने के बावजूद वह हमेशा सच्चाई के मार्ग पर रहे। उन्होंने शहीद रामफल मंडल की जीवनी पाठ्य पुस्तक में शामिल करने की मांग की। समारोह में विद्यालय के सभी शिक्षक सहित बच्चे एवं अभिभावक उपस्थित थे।
ओरिएंटल मध्य विद्यालय सीतामढ़ी में प्रधानाध्यापिका रंजना कुमारी की अध्यक्षता में शौर्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ डुमरा के सचिव सत्येंद्र नारायण मिश्र ने शहीद रामफल मंडल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शहीद रामफल मंडल एक गरीब घर से आते थे। वह अपने इलाके के नानी पहलवान थे। उन्हीं के गांव मधुरापुर में आजाद हिंद फौज का ट्रेनिंग सेंटर चलता था जहां वे क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लेते थे।समारोह में आशा कुमारी, प्रणव कुमार, सुषमा कुमारी, नजराना परवीन, वीरेंद्र पासवान, सहित सैकड़ों छात्र एवं अभिभावक उपस्थित थे।
मध्य विद्यालय टंडसपुर, बथनाहा मैं प्रधानाध्यापक देवनारायण की अध्यक्षता में सर दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी छात्रों एवं शिक्षकों ने शहीद के चित्र पार माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर महेश चौधरी राकेश कुमार, विश्वनाथ महतो, नीलम कुमारी, सहित सैकड़ों छात्र एवं अभिभावक उपस्थित थे।

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