रिपोर्ट- अमित कुमार!
बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शिक्षकों की ट्रांसफर पोस्टिंग संबंधी आपत्तियों पर स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनप्रतिनिधियों ने अपनी बातों को रखा है। उन्होंने कहा, “हम लोगों ने जो ट्रांसफर पॉलिसी लायी है, वह सोच-समझकर बनाई गई है।” मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ऐसी पॉलिसियों के लागू होने पर कुछ लोग असंतुष्ट रह सकते हैं, लेकिन इसके समाधान के लिए जिलाधिकारी, कमिश्नर, और मुख्यालय स्तर पर समितियाँ बनाई गई हैं।
मंत्री ने जानकारी दी कि यदि किसी व्यक्ति विशेष को परेशानी हो तो वे अपनी बात रख सकते हैं। इसके अलावा, नियमावली में 10 विकल्प भी दिए गए हैं, जो शिक्षकों के हित में हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सभी जानकारी शीघ्र ही पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी। दिसंबर में छुट्टियों के दौरान जॉइनिंग प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकारी सेवकों से अनुरोध किया गया है कि वे अनुशासित रहें ताकि शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिले। उन्होंने महिलाओं की साक्षरता पर ध्यान देने और ड्रॉप आउट दर को 12% से 1% तक लाने के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। मंत्री ने कहा, “30% बजट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवंटित किया गया है।”
इसके साथ ही, सुनील कुमार ने कहा कि सॉफ्टवेयर के माध्यम से नीति बनाई जा रही है, और लिस्ट जल्दी तैयार कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि विशेष परिस्थितियों में, जैसे बाढ़ के समय, जिलाधिकारी आवश्यक निर्णय लेंगे और स्कूल बंद करने की जरूरत पड़ने पर जानवरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा।




