बाढ़ के कारण बढ़ी सर्पदंश की घटना, अस्पतालों में दवा उपलब्ध,झाड़ फूँक के चक्कर में ना पड़ने की अपील!

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बक्सर से धीरज कि रिर्पोट!


ग्रामिण क्षेत्र में बाढ़ और बरसात कि वजह सें बढ़ी सांप काटने की घटना., झाड़ फुक के वजह से बिगड़ रहा मामला
बरसात के मौसम में सांप बिलों, झाड़ियों, नदियों व तालाब आदि से बाहर निकलते हैं, जिस कारण सांपों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। यह बात सदर अस्पताल के डॉ० ओपी नारायण ने कही। उन्होंने कहा कि सांप काटने पर जल्द इलाज शुरू करना चाहिए न कि झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वास में पड़कर मरीज की जान को खतरे में डालना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के पास स्नेक बाइक के टीके एंटी वेनीन व एंटीडोट जिला अस्पताल और हर सब डिवीजनल अस्पताल में उपलब्ध हैं। डॉ. ओपी नारायण ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक सर्वे अनुसार हर साल 80 हजार लोगों को सांप काट लेते हैं और उनमें से 10 हजार मरीजों की मौत समय पर उपचार न मिलने कारण हो जाती है। उन्होंने कहा कि सांप के काटने पर बेहद जरूरी हो जाता है कि समय पर सही इलाज शुरू किया जाए।
बाईट- डॉ० ओपी नाराय सदर अस्पताल बक्सर
बाईट- मरीज के परिजन

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