श्रीगणेश चतुर्थी पर भगवान विघ्नहर्ता के पूजा का विधान व मुहूर्त!

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प्रस्तुति अनमोल कुमार

  • ‘ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम् संकटान निवारय-निवारय स्वाहा।’
  • ‘ॐ वक्रतुण्डाय हुं।’
  • ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।’
  • सिद्ध लक्ष्मी मनोरहप्रियाय नमः।
  • ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये। वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नम:।।
  • गणेश वंदना मंत्र-
    गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
    उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।।।
  1. संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश को गेंदे का फूल चढ़ाकर मोदक और गुड़ का नैवेद्य अर्पित करें। इस उपाय से आपको हर कार्य में सिद्धि प्राप्त होगी।
  2. खुद का घर खरीदने की तमन्ना है तो श्री गणेश पंचरत्न स्तोत्र का पाठ करें अवश्य लाभ होगा।
  3. श्री गणेश जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। संकष्टी चतुर्थी पर श्री गणेश को पूजन के समय सिंदूर का तिलक करके खुद भी तिलक करें। फिर श्री गणेश का पूजन करें। मान्यतानुसार सिंदूर को सुख-सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है साथ ही यह श्री गणेश को प्रिय होने के कारण जीवन सुखमय बनेगा।
  4. श्री गणेश पूजन के बाद मंत्र- ‘ॐ गं गौं गणपतये विघ्न विनाशिने स्वाहा’ का 108 बार जाप करने से जीवन में आनेवाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।
  5. संकष्टी चतुर्थी पर शमी के पेड़ का पूजन करने से श्री गणेश प्रसन्न होते हैं। उन्हें शमी के पत्ते अर्पित करने से दुख, दरिद्रता दूर होती है।
  6. अपार धन-संपत्ति चाहिए तो आज धनदाता गणेश स्तोत्र का पाठ करें। मंत्र- ‘ॐ श्रीं ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः’ की 11 माला का जाप करें।
  7. शीघ्र विवाह के लिए मंत्र- ‘ॐ ग्लौम गणपतयै नमः’ की 11 माला जपें तथा गणेश स्तोत्र का पाठ करके श्री गणेश मोदक का भोग लगाएं, कार्य सफल होगा। जय गणेश जय गणेश

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ॥ जय…

एक दंत दयावंत चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी ॥ जय…

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥ जय…

हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा ॥ जय…

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥ जय…

  • ‘ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम् संकटान निवारय-निवारय स्वाहा।’
  • ‘ॐ वक्रतुण्डाय हुं।’
  • ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।’
  • सिद्ध लक्ष्मी मनोरहप्रियाय नमः।
  • ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये। वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नम:।।
  • गणेश वंदना मंत्र-
    गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
    उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।।।
  1. संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश को गेंदे का फूल चढ़ाकर मोदक और गुड़ का नैवेद्य अर्पित करें। इस उपाय से आपको हर कार्य में सिद्धि प्राप्त होगी।
  2. खुद का घर खरीदने की तमन्ना है तो श्री गणेश पंचरत्न स्तोत्र का पाठ करें अवश्य लाभ होगा।
  3. श्री गणेश जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। संकष्टी चतुर्थी पर श्री गणेश को पूजन के समय सिंदूर का तिलक करके खुद भी तिलक करें। फिर श्री गणेश का पूजन करें। मान्यतानुसार सिंदूर को सुख-सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है साथ ही यह श्री गणेश को प्रिय होने के कारण जीवन सुखमय बनेगा।
  4. श्री गणेश पूजन के बाद मंत्र- ‘ॐ गं गौं गणपतये विघ्न विनाशिने स्वाहा’ का 108 बार जाप करने से जीवन में आनेवाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।
  5. संकष्टी चतुर्थी पर शमी के पेड़ का पूजन करने से श्री गणेश प्रसन्न होते हैं। उन्हें शमी के पत्ते अर्पित करने से दुख, दरिद्रता दूर होती है।
  6. अपार धन-संपत्ति चाहिए तो आज धनदाता गणेश स्तोत्र का पाठ करें। मंत्र- ‘ॐ श्रीं ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः’ की 11 माला का जाप करें।
  7. शीघ्र विवाह के लिए मंत्र- ‘ॐ ग्लौम गणपतयै नमः’ की 11 माला जपें तथा गणेश स्तोत्र का पाठ करके श्री गणेश मोदक का भोग लगाएं, कार्य सफल होगा। जय गणेश जय गणेश

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ॥ जय…

एक दंत दयावंत चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी ॥ जय…

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥ जय…

हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा ॥ जय…

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥ जय…

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