रिपोर्ट- अमित कुमार!
अमित भूषण, महा प्रबंधक एफसीआई बिहार
भारत सरकार द्वारा लिए गए निर्णय एवं घोषणा अनुसार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा अपने बाजार हस्तक्षेप कार्यक्रम के रूप में गेहूं और चावल की खुले बाजार में बिक्री की जा रही है ताकि बाजार में पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके, खाद्यान्नों की बाजार कीमतों को नियंत्रण में रखा जा सके और खाद्यान्न की कीमतों को स्थिर रखा जा सके।
पटना स्थित भारतीय खाद्य निगम कार्यालय में आज पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया इस दौरान निगम के महाप्रबंधक अमित भूषण ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम के द्वारा खुले बाजार विक्रय योजना (घरेलू) के माध्यम से उपलब्ध स्टॉक से निर्धारित आधार मूल्य पर चावल बेचा जा रहा है, ताकि बाजार में चावल की कमी न हो और कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। भारत सरकार ने चावल की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से केंद्रीय पूल स्टॉक से ई-नीलामी के माध्यम से देश भर के खुले बाजार में चावल की निश्चित मात्रा बेचने का निर्णय लिया है।चावल खरीदार जैसे चावल उत्पादों के निर्माता / चावल प्रोसेसर (न्यूनतम बोली मात्रा 01 मीट्रिक टन और अधिकतम बोली मात्रा 2000 मीट्रिक टन) इसमें भाग ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली ई-नीलामी में, बिहार राज्य में स्थित एफसीआई के विभिन्न डिपो के 11 केंद्रों से 21,000 मीट्रिक टन एफ. आर. के चावल (14000 मीट्रिक टन रॉ फोर्टीफाइड चावल और 7000 मीट्रिक टन पारबोइल्ड फोर्टीफाइड चावल) की बिक्री के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। सभी इच्छुक बोलीदाताओं से अनुरोध है कि वे पात्रता के अनुसार इस नीलामी में भाग ले और यह सुनिश्चित करें कि नीलामी से खरीदा गया चावल सार्वजनिक उपयोग के लिए बाजार में लाया जाए।
चावल का आधार मूल्य 2800 रुपये प्रति क्विंटल है और आधार मूल्य में फोर्टिफिकेशन लागत (73 रुपये प्रति क्विंटल), रेल माल भाड़ा शुल्क और सड़क परिवहन लागत जोड़ी जाएगी। इस ई-नीलामी में भाग लेने के लिए अधिक जानकारी वेबसाइट https://www.valuejunction.in/fci से प्राप्त की जा सकती है।
बाईट— अमित भूषण महा प्रबंधक एफसीआई बिहार




