रिपोर्ट- ऋषभ कुमार!
गुरुवार को हाजीपुर के रामाशीष चौक पर स्थित जन सुराज कार्यालय में जन सुराज विचार मंच के बैनर तले राजनीतिक दशा और दशा पर गोष्ठी की गई। जिसमें करीब 50 बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। जन सुराज विचार मंच बैठक की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी विनोद कुमार सिंह ने कहा कि प्रतिभा और प्राकृतिक संपदा के मामले में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। किन्तु संसाधन के समुचित उपयोग व उद्योग धंधों के अभाव में बिहार से प्रतिभा और श्रम के पलायन ने इसे खोखला कर दिया है और आज हमारा युवा समाज दरदर भटक रहा है। जिले के बुद्धिजीवियों की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे यहां संसाधन
व प्रतिभा की कमी नहीं है। राज्य मजदूर आपूर्तिकर्ता प्रदेश के रूप में शीर्ष पर काबिज है। इस पलायन को रोकने के लिए बिहार में उपलब्ध संसाधनों का समुचित प्रबंधन पहली आवश्यकता है। श्री सिंह ने कहा कि खास कर वैशाली के विकास के लिए कृषि को मजबूत करना होगा, कृषि आधारित उद्योग को बढावा देना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में वर्तमान राजनीतिक दशा यह हो गई है कि चुनाव के समय नेता लोग जब वोट मांगने आते हैं तो तरह-तरह के वादे करते हैं लेकिन जीतने के बाद उन्हें जनता की ओर कोई ध्यान नहीं होता है। इसलिए बिहार में नए विकल्प की आवश्यकता है और नए विकल्प के रुप में जन सुराज से अच्छा कोई भी नहीं हो सकता। उन्होंने जन सुराज का मतलब बताते हुए कहा कि जनता का सुंदर राज को जन सुराज कहते हैं। इसलिए अब किसी भी पार्टी को वोट नहीं देना है और जनता का सुंदर राज बनाना है इसलिए जन सुराज को आगे लाना है। वहीं समाज सेवी पप्पू यादव ने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टी युवाओं के विकास की बात करती है लेकिन सत्ता मिलते हीं युवाओं का विकास भूल जाती है। बताते चलें कि बिहार में राजनितिक दिशा और दशा विषय पर बैठक संपन्न हुई। जिसका संचालन रंजेश कुमार झा “आलोक”ने किया।मौके पर शिक्षक सह समाजसेवी विजय कुमार सिंह,सनोज सिंह,धर्मेन्द्र सिंह पप्पू, विनोद मिश्रा,संतोष शर्मा, रालेगांव पाठक, गोलु सिंह, विनय चौधरी,शंभु नाथ सिंह, धर्मेन्द्र कुमार, रविशंकर, धर्मपाल पटेल,राज कुमार सिंह, ऋषव कुमार, घनश्याम कुमार, अमरेश कुमार, कौशल किशोर,पप्पू यादव, जिलाध्यक्ष जय प्रकाश चौधरी,
प्रोफेसर सतेंद्र सिंह, प्रोफेसर गोपाल झा,रंजय कुमार सिंह, संतोष सिंह, दीपक कुमार झा,प्रेम कुमार, मंटु सिंह, के साथ साथ दर्जनाधिक बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया और खुल कर अपने विचार रखे।वहीं धन्यवाद ज्ञापन रंजेश कु.झा”आलोक” ने किया।




