रिपोर्ट अनमोल कुमार
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सिमराही बाजार के स्थानीय ओम शांति केंद्र के सभागार में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित विश्व परिवर्तन के लिए परमात्म ज्ञान ओर योग कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय सेवा केन्द्र प्रभारी बबीता दीदी, पतंजलि योग प्रशिक्षक डॉ पी. के. रंजन, हिरा लाल दास,उप पार्षद विनीता देवी,समाज सेवी प्रो बैधनाथ भगत, टेकनिया वाल्ड स्कूल के डायरेक्टर अतुल कुमार, मंजुदेवी, सत्यनारायण भाई, रागिणी देवी, शाबित्री देवी, ब्रह्माकुमारी सुमन बहन, बिना बहन,पूजा बहन, शिव कुमारी देवी, ब्रह्माकुमार किशोर भाईजी, नीलम देवी इत्यादियो ने संगठित रूपमे दिप प्रजवल्लित करके किया।
स्थानीय सेवा केन्द्र प्रभारी राजयोगीनी बबीता दीदीजी ने अपने उदबोधन देते हुए कहा कि
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग करना जरूरी है। और शरीर के साथ साथ आत्मा को भी परमात्मा के साथ योग लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा परमात्मा हम सभी मनुष्य आत्माओं के परमपिता हैं। परमात्मा से योग लगाने से आत्मा में दिव्य गुण और शक्तियां जागृत होने लगती हैं। आत्मा सुख, शांति, प्रेम, पवित्रता की अनुभूति करती है। राजयोग मेडिटेशन के प्रयोग से सभी तरह की मानसिक समस्याओं से समाधान मिल जाता है। आप सभी भाई-बहनों का परमात्मा के
घर में स्वागत है। इस शिविर में बताई गई बातों को जीवन में धारण करेंगे तो आपकी बीमारी दूर हो जाएगी। तन और मन दोनों स्वस्थ होंगे।
ब्रह्माकुमारी बबीता दिदीजी ने कहा कि अपनी जीवन की समस्याओं को परमात्मा शिव पिता पर अर्पित कर हल्के रहेंगे तो सब बीमारियों से मुक्त रहेंगे। तनाव से ही सब बीमारियां होती हैं।
प्रशिक्षक डॉ. प्रभात कुमार (पी. के.) रंजन जी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान का प्रयास है कि लोगों के जीवन से मानसिक और शारीरिक समस्याओं को दूर करना। राजयोग मेडिटेशन और हेल्दी लाइफ स्टाइल के समन्वय से यह शिविर प्रोग्राम रखा गया है। इस प्रोग्राम से आपके जीवन में नई रोशनी मिलेगी। प्रशिक्षक ने सभी को अनेकौ प्रकार का योग कराया। सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बबीता दीदी कोमेंट्री द्वारा योग कराई।
उक्त कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमार किशोर भाईजी ने किया। मौके पर पतंजलि योग प्रशिक्षक डॉ पी. के. रंजन, हिरा लाल दास,उप पार्षद विनीता देवी,समाज सेवी प्रो बैधनाथ भगत, टेकनिया वाल्ड स्कूल के डायरेक्टर अतुल कुमार, मंजुदेवी, सत्यनारायण भाई, रागिणी देवी, शाबित्री देवी, ब्रह्माकुमारी सुमन बहन, बिना बहन,पूजा बहन, शिव कुमारी देवी, ब्रह्माकुमार किशोर भाईजी, नीलम देवी,पूनम देवी इत्यादि सैकड़ों लोगों ने लाभ लिया।




