प्रस्तुति – अनमोल कुमार
जो एक सुन्दर संदेश देती है कि व्यवहारिक जीवन में यदि इन गुणों को धारण कर लिया जाए तो जीवन मधुर, सरल और संगीतमय बन जाता है !!
पहला-
बांसुरी में गांठ नहीं है,
जो संकेत है कि अपने अंदर किसी भी प्रकार की गांठ मत रखो,
यानि मन में बदले की भावना मत रखो ।
दूसरा गुण-
बिना बजाये ये बजती नहीं है,
मानो ये बता रही है कि जब तक आवश्यक नही हो, ना बोलें ।
और तीसरा-
जब भी बजती है, मधुर ही बजती है ।
अर्थात जब भी बोलो……. मीठा ही बोलो
*सदा स्मृति रहे कि आप एक शांत स्वरूप और प्रेम स्वरूप आत्मा है !




