रिपोर्ट- अमित कुमार
“मेरी सलाह से नेता और उनके बच्चे जीते, अब बिहार की जनता जीतेगी और उनका जीवन सुधरेगा”
लालू, नीतीश और बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी करेंगे प्रशांत किशोर, कहा 50% से अधिक लोग नया विकल्प चाहते
श्याम किशोर बोल लालू नीतीश और भाजपा से त्रस्त हो चुकी है बिहार की जनता उन्हें नया विकल्प चाहिए
पहले दिन एक करोड़ संस्थापक सदस्य बनाकर जैन स्वराज को देंगे एक करोड़ कंफर्म मतदाता
पटना : दल और नेताओं को संगठित करने का टिप देते-देते प्रशांत किशोर अब अपने ही दल का ऐलान करने वाले हैं। उन्होंने 2 साल तक बिहार की पदयात्रा की। अब वह अपनी पार्टी का ऐलान करने वाले हैं। जन सुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर ने यह ऐलान कर दिया है कि वह 2 अक्टूबर को अपनी नई पार्टी का ऐलान करने वाले हैं। जिससे बिहार के लोगों को एक नया राजनीतिक विकल्प मिलेगा। पार्टी बनाने का ऐलान करने के दौरान उन्होंने कहा की बिहार में 50% से अधिक लोग नए विकल्प चाहते हैं। प्रशांत किशोर ने कहा की जनता लालू नीतीश और भाजपा से त्रस्त हो चुकी है।
एक करोड़ लोगों को बनाएंगे संस्थापक सदस्य
प्रशांत किशोर बीजेपी, जेडीयू और राजद के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाले हैं। दरअसल, उन्होंने इस बात का ऐलान किया है कि वो अपनी पार्टी के निर्माण के वक्त ही 1 करोड़ लोगों को संस्थापक सदस्य बनाएंगे। यानी जन सुराज के स्थापना से ही जन सुराज पार्टी के पास बिहार में 1 करोड़ पक्के वोटर होंगे। ऐसे में माना जा रहा है। बिहार में प्रशांत किशोर लालू, नीतीश और बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी करते नजर आने वाले हैं। उन्होंने कहा “लोग चाहते हैं कि अगर बिहार में सुधार होना है तो राज्य में एक नया दल या नया विकल्प बनना चाहिए। क्योंकि जनता पिछले 30 सालों से लालू, नीतीश और भाजपा से त्रस्त हो गई है। जनता देख रही है कि उनके जीवन में सुधार नहीं हो रहा है, लेकिन लोगों को रास्ता नहीं दिख रहा है कि किसको वोट दें।”
“जो हमने अपने जीवन में जो दस साल तक काम किया है। पहले पार्टियों और नेताओं को सलाह देते थे कि कैसे वो अपनी पार्टी को संगठित कर सकें। कैसे वो चुनाव लड़कर जीत सकते हैं। जो काम हम पहले दल और नेता के लिए करते थे। वही काम अब बिहार के लोगों के कर रहे हैं। कैसे आप लोग एक साथ आइए और नया दल बनाइए। मेरी सलाह से नेता जीते और नेता के बच्चे जीत गए। अब मेरा अपना मानना है कि मेरी सलाह से बिहार की जनता जीतेगी और उनका जीवन सुधरेगा।”
प्रशांत किशोर, संरक्षक, जन सुराज




