प्रस्तुति – अनमोल कुमार
महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्री कृष्ण राजनीति समझाते हुए कहते हैं कि…
ऐसा नहीं था कि पाण्डवों के साथ जुड़े सभी लोग अच्छे ही थे…
अथवा, कौरवों के साथ जुड़े सारे के सारे लोग लोग बुरे ही थे.
लेकिन, कौरवों और पांडवों में एक बेसिक अंतर था कि…
यदि कौरव जीतते तो सत्ता दुर्योधन के हाथ में जाती…
जबकि, पांडव जीतते तो सत्ता धर्मराज युधिष्ठिर के हाथ में.
इसीलिए, मैंने सिर्फ यह देखा कि धर्म किस राजा के पक्ष में था.
महाभारत के इसी ज्ञान के उपरांत आज कलयुग के इस चरण में…. मैं भी अंधभक्त बनने के लिए मजबूर हूँ….
क्योंकि, मुझे खुली आँखों से साफ-साफ नजर आ रहा है कि धर्म किसके पक्ष में है.
अतः, मेरी नजर में यह कोई अंध भक्ति नहीं बल्कि सच्ची राष्ट्र/धर्म भक्ति है..
जय श्री कृष्ण…




