रिपोर्ट- अमित कुमार
आज पटना के राजद प्रदेश कार्यालय से एक बड़ा बयान आया है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राजद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर केंद्र की योजनाओं की उपलब्धियों को अपनी बताने का आरोप लगाया है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि नीतीश कुमार के नाम से जारी अपील में केवल झूठे तथ्यों के आधार पर वोट की अपील की गई है।
चितरंजन ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 17 साल के शासन काल में बिहार में बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज भी नहीं दिलवा सके।
राजद के अनुसार, तेजस्वी यादव के 17 महीने के उपमुख्यमंत्रीत्व काल में जो उपलब्धियां रहीं, उसका जवाब जदयू और भाजपा के पास नहीं है। इसीलिए वे 17 साल पहले की बातें करते हैं, 2005 से पहले की स्थिति को छुपाते हैं और केवल दुष्प्रचार करते हैं।
राजद ने दावा किया है कि उनके शासनकाल में कभी भी किसी साम्प्रदायिक घटना नहीं हुई, लेकिन एनडीए के शासन में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के मोर्चे पर भी मौजूदा सरकार पिछली राजद सरकार से काफी पीछे है।
वहीं, राजद ने अपने पिछले शासनकाल की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यूपीए शासन के दौरान केंद्र से बिहार को ज्यादा राशि मिली और कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलीं। इसके अलावा लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में मंडल आयोग के आरक्षण के अनुसार नियुक्तियां भी हुई थीं।
राजद प्रवक्ताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव के 17 महीने के कार्यकाल में 5 लाख से अधिक लोगों को नौकरी मिली है। इसलिए बिहार के मतदाता इस लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के पक्ष में वोट करेंगे।
इस प्रकार राजद ने एक तरफ तेजस्वी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया, तो दूसरी तरफ नीतीश सरकार की आलोचना भी की। यह बयान इस बार के लोकसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।




