रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
सम्पूर्ण मधुबनी जिले में होली के परंपरागत रंगों में रंगने लगे हैं लोग। मिथिलां के पुराने परंपरा का निर्वाह करते हुए अपने पुर्वजों के द्वारा स्थापित परम्परा पर आधारित होली के मस्त महिना आते ही हर साम लोग अपने अपने हाथों में डंफा और झाल लिए घर से निकाल परते मत हैं और सुरू हो जाता है मस्त फाग गीतों का स्वर सुनाई पड़ना। ये परम्परा जयनगर प्रखंड राजपूताना टोला जयनगर मे हर वर्ष के तरह इस बार भी प्रत्येक रात्री को गांव के विभिन्न दरवाजे पर डंफा और झायल के साथ होली गीत गाते हुए दर्जनों मस्त युवकों, बच्चों और फाग प्रेमी की टोली पहूंच रही है। इस दौरान बिना किसी भी भेदभाव के आपसी भाईचारे के साथ सभी मिल जूल कर होली गीत गाते, डंफे और झाल पर थाप लगाते झुमते गाते पुरे मुहल्ले में प्यार का पैगाम लेकर फागुन के इन महीने भर अपना ये परम्परागत होली गीतो को गाने का कार्यक्रम को टोली बनाकर आज भी जिवंत रखें हुए हैं। यहां के सभी तबके व घरों के लोग सालों भर मानो इस दिन के इंतजार में रहते हैं कि कब आएगा मस्त महिना फागुन का जो डंफे पर थाप लगाते हुए झुमने और गाने का मौका मिले।




