रिपोर्ट- प्रशांत/नेहा!
बेगूसराय बरौनी रिफाइनरी यूनियन का चुनाव 26 फरवरी को होगा, मजदूर यूनियन और श्रमिक विकास परिषद चुनावी मैदान में आमने-सामने
बेगूसराय में लंबे समय के बाद बरौनी रिफाइनरी यूनियन का चुनाव 26 फरवरी को होगा। इस चुनाव को लेकर वामदल समर्थित बरौनी तेल शोधक मजदूर यूनियन और भाजपा समर्थित श्रमिक विकास परिषद आमने-सामने देखा जा रहा है। बरौनी रिफाइनरी के लिए दोनों यूनियन अपने-अपने जीत को लेकर एड़ी चोटी का जोर का दम लगाए हुए हैं । बरौनी रिफाइनरी की स्थापना काल से अबतक बम दलों का कब्जा रहा है सिर्फ एक बार 2011 में श्रमिक विकास परिषद ने चुनाव जीता था जो 39 माह तक यूनियन के रूप में काम किया था। इसके अलावा लगातार बरौनी तेल मजदूर यूनियन बरौनी रिफाइनरी पर काबिज है। दरअसल यूनियन का चुनाव दो साल में होना होता है लेकिन जबतक विपक्षी युनियन चुनाव के लिए दावा पेश नहीं करता है तब तक चुनाव नहीं होता है। 2017 में श्रमिक विकास परिषद से जीतकर बीटीएमयू यूनियन के रूप में काम कर रही है और अब 2024 में श्रमिक विकास परिषद ने चुनाव के लिए दावा पेश किया तो यूनियन का चुनाव हो रहा है। दोनों यूनियन बरौनी रिफाइनरी में कर्मियों की भलाई का वादा कर चुनाव मैदान में है । रिफाइनरी में यूनियन का चुनाव में बरौनी रिफाइनरी के 696 मतदाता मतदान में शामिल होंगे जिसमें रिफाइनरी कर्मी और अधिकारी मतदाता होते हैं । बीटीएमयू के अतिरिक्त महासचिव संजीव कुमार ने प्रेस वार्ता कर कहा कि वह बरौनी रिफाइनरी के कर्मियों के हर सुख-दुख में साथ रहे हैं और लगातार बरौनी रिफायनरी बीटीएमयू के कार्यकाल में विकास कर रहा है। इस चुनाव में केंद्रीय मंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत कई नेताओं को शामिल श्रमिक विकास परिषद की ओर से किया गया है लेकिन इसके बावजूद बरौनी रिफाइनरी के कर्मियों की विश्वास से एक बार फिर चुनाव जीत रही है। वहीं दूसरी और श्रमिक विकास परिषद् के लिए लगातार भाजपा के नेताओं के द्वारा रिफायनरी में प्रचार प्रसार किया जा रहा है और श्रमिक विकास परिषद का भी दावा है कि वह इस बार चुनाव जीत रही है।
बाइट- संजीव कुमार, अतिरिक्त महासचिव बीटीएमयू
बाइट- रजनीश कुमार, नेता बीटूएमयू




