सांख्यिकी स्वयंसेवक बेरोजगार बन दर दर भटकने को है मजबूर, लगा रहे सरकार से गुहार!

SHARE:

रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

बिहार के सांख्यिकी स्वंय सेवक बेरोजगारी का दंश झेलता दर दर भटकते फिर रहा है।नौकरी देने की मांग को लेकर सरकार के साथ कई नेताओं का दरवाजा खटखटा रहे हैं ये लोग।लेकिन इनका कोई सुननेवाला नहीं हैं। मधुबनी कांग्रेस कार्यालय मे नेताओं एवं पूर्व मंत्री से अपनी गुहार लेकर पहुंचे दर्जनों स्वयं सेवको ने मीडिया से मुखातिब हो कर अपनी परेशानियों से अवगत कराया। सांख्यिकी स्वयं सेवक संघ के मधुबनी जिलाध्यक्ष मसूद अहमद ने बताया की बिहार के सांख्यिकी स्वयंसेवकों की मांग पर सरकार का कोई ध्यान ही नहीं है। लंबे समय से सांख्यिकी स्वयंसेवक रोजगार को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे है।सांख्यिकी स्वयंसेवक संघ ने मीडिया के माध्यम से एकबार फिर सरकार से रोजगार देने की गुहार लगा रही है। वहीं संघ के सदस्यों का कहना है कि पात्रता परीक्षा लेकर बहाली की गई थी।इसके बाद पैनल रद्द कर दिया गया। हमलोगों ने हर जगह फरियाद किया लेकिन अब तक हमारी मांग पर विचार नहीं किया गया हैं। उन्होंने बताया की वर्ष 2012-13 में सांख्यिकी स्वयंसेवक की बहाली पात्रता परीक्षा लेकर की गई थी। मिली जानकारी के अनुसार इनकी बहाली फसल उत्पादन, आर्थिक गणना ,जनगणना ,वर्षा पात आदि आंकड़ों को संग्रहित करने के लिए की गई थी l मगर छठी आर्थिक गणना खत्म होते ही, बिहार सरकार ने इनके पैनल को ही रद्द कर दिया। तब से लेकर अब तक लोग बेरोजगार हैं। नौकरी के इंतजार में है, परिवार की आर्थिक स्थिति जर्जर हो गई है। सदस्यों का कहना है कि अब तक खाने का भी लाला पड़ गया है। बिहार सरकार का ध्यान अभी तक सांख्यिकी स्वयंसेवक के तरफ नहीं है। सरकार को चाहिए कि इन बेरोजगारी का मार झेल रहे स्वयं सेवको के पिरा को समझते हुए इन के हित में पहल करें।

Join us on:

Leave a Comment