कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
कैमूर। शनिवार को इतिहास विभाग एवं प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र सरदार वल्लभभाई पटेल महाविद्यालय भभुआ कैमूर में बिहार राज्य स्टार्टअप आउटरीच 2022 के अंतर्गत बिहार स्टार्टअप एकदिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र में विभागाध्यक्ष एवं निदेशक डॉ सीमा पटेल के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पटना से शिवेंद्र कुमार परामर्शकरता बिहार स्टार्टअप सपोर्ट यूनिट एवं हेमलता कुमारी सिंह महा प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र कैमूर के द्वारा निभाया गया। कार्यक्रम में विकास मिश्रा एवं दीप शिखा क्षेत्रीय स्टार्टअप पदाधिकारी कैमूर, धर्मेंद्र उपाध्याय राममाधुरी स्टार्टअप के प्रणेता, डॉक्टर संगीता सिंह इतिहास विभाग, स्वयंसेवक अतुल पटेल, शुभनम सिंघम मेहता, अंकित कुमार, मौसम कुमार, गोल्डन कुमार, अनूप पटेल के साथ प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र एवं इतिहास विभाग के स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर सत्र 2022 से 2024 के लगभग 160 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में शिवेंद्र जी ने स्व रोजगार के अंतर्गत सभा को समाज, पर्यावरण, तकनीक एवं अन्य क्षेत्रों में किसी समस्या को चिन्हित करते हुए उसके समाधान हेतु स्टार्टअप कार्यक्रम बनाकर सरकार के समक्ष रखते हुए उससे अपना ओर अपने परिवार एवं अन्य के परिवार को रोजगार प्रदान कर बिहार सरकार की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया। इस कार्यक्रम में उद्यम विभाग बिहार सरकार के स्टार्टअप पॉलिसी द्वारा युवा वर्ग को प्रोत्साहन स्वरूप नवीनतम स्टार्टअप आइडिया को सीड मनी के रूप में शुरुआती दौर में चार लाख से 10 लख रुपए आवंटित करने की पॉलिसी बताई। चयन होने पर अनेक प्रक्रियाओं को अपनाते हुए सरकार समय समय पर मार्गदर्शन, बिजनेस की जानकारी, प्रशिक्षण, उद्यम हेतु चिन्हित क्षेत्र में अन्य उद्यमियों के साथ सहयोग एवम पार्टनेरशीप की नीति के बारे में बताते हुए छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बताया गया कि स्वरोजगार के तहत हमारे समक्ष स्विग्गी जोमैटो ओला उबर यूनिकॉर्न जैसे अनेक स्टार्टअप हमारे बीच में सफलता से संचालित हो रहे हैं। अपने क्षेत्र और अपने संसाधन ,कार्य दक्षता ,क्षमता के अंतर्गत पार्टनरशिप बनाकर बिहार के युवावर्ग बेरोजगारी से मुक्ति पा सकते है और स्वयं अपने भविष्य की बागडोर थाम कर अन्य को भी रोजगार देने में सक्षम हो सकते है। श्री शिवेंद्र ने बताया कि योजना के अंतर्गत 10 साल में 10 लाख रुपए ब्याज रहित सी मानी की व्यवस्था देने की व्यवस्था सरकार द्वारा है। इसमें महिलाओं को पांच प्रतिशत एवं दिव्यांग अनुसूचित जाति जनजाति को 15 प्रतिशत अधिक सीड मनी वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। शिविर में छात्र-छात्राओं से नवीनतम स्टार्टअप आइडिया की सोच बनाने के लिए कहा गया जिसमें प्रथम रूप से अनीश कुमार जिन्होंने किसान से उपभोक्ता तक सब्जी वितरण की श्रृंखला के स्टार्टअप की व्यवस्था, द्वितीय में आमिर खान जिन्होंने समेकित कृषि व्यवस्था और तृतीय स्थान रविता कुमारी को प्राप्त हुआ। महाप्रबंधक हेमलता सिंह ने सभी विजेता प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप प्रमाण पत्र बांटे और इनको जिला उद्योग विभाग में अपने नवीनतम विचारों को स्टार्ट उप योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किया।
कार्यक्रम में धर्मेंद्र उपाध्याय ने रोहतास जिला में इस कार्यक्रम के अंतर्गत सफलतापूर्वक स्टार्टअप कार्यक्रम का संचालन करते हुए अपने अनुभव एवं बिहार सरकार द्वारा वित्तीय सहयोग के अनुभव साझा किए। विकास कुमार ने उद्योग विभाग का पोर्टल भी साझा किया और बताया कि कैमूर इंजीनिरिंग महाविद्यालय इस क्षेत्र की नोडल संस्था है जिसके माध्यम से जागरूकता हेतु अनेक कार्यक्रम साझा किए जाएंगे।




