रिपोर्ट- ब्रजेश दुबे!
जिप अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पर 9 सदस्यों द्वारा लाया गया था अविश्वास प्रस्ताव
जिला परिषद के 9 सदस्यों ने चार बिंदुओं पर अध्यक्ष के खिलाफ लाया था अविश्वास प्रस्ताव.
अविश्वास प्रस्ताव के लिए निर्धारित तिथि के दिन नहीं पहुंचे कोई जीप सदस्य
सदन में बैठे रहे अधिकारी, सदस्यों की खाली पड़ी रही कुर्सी.
भभुआ। जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह एवं उपाध्यक्ष पूनम देवी अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रही। जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के लिए लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया दरअसल जिला परिषद के 9 सदस्यों द्वारा बीते 6 जनवरी को चार बिंदुओं पर आरोप लगाते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी उप विकास आयुक्त एवं जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पर अविश्वास प्रस्ताव लाया था इधर जिला परिषद सदस्यों द्वारा जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पर अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद कैमूर जिलाधिकारी सावन कुमार द्वारा 16 जनवरी को यानी मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए 1:00 बजे से समाहरणालय के सभा कक्ष में तिथि निर्धारित किया गया था निर्धारित किया गया तिथि के अनुसार जिला पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी सदन में बैठकर सदस्यों की राह देखते रहे लेकिन एक भी सदस्य अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए सदन में उपस्थित नहीं हुए इधर सदन में सदस्यों की उपस्थिति नहीं होने के कारण जिला पदाधिकारी द्वारा जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया गौरतलब है की जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के कार्यकाल 2 वर्ष पूरा होने के बाद सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था सदस्यों द्वारा लाये गए अविश्वास प्रस्ताव सदन में पारित नहीं होने के चलते अब जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष अपनी कुर्सी पर बनी रहेंगी
बैठक में पारीत आदेश को पालन नहीं करने सहित चार बिंदुओं पर सदस्यों ने जिप अध्यक्ष पर लगाया था आरोप
जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह पर बीते 6 जनवरी को जिला परिषद सदस्य मणि सिंह ,बबलू राम, राजकुमार सिंह ,मीना देवी, बृजेश कुमार सिंह, प्रदीप कुमार गुप्ता, मिथिलेश पासवान, गीता पासी एवं शिवरानी देवी द्वारा अपना सिग्नेचर करते हुए चार बिंदुओं पर आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था सदस्यों द्वारा जिन चार बिंदुओं पर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था उसमें कहा गया था कि जिला परिषद की बैठक में पारित प्रस्ताव को अनुपालन नहीं करना वहीं राज्य वित्त की राशि को बगैर जिला परिषद के सदस्यों को विश्वास में लिए मनमानी ढंग से बांटने जिला परिषद की बैठक नहीं बुलाने एवं चयनित योजनाओं को क्रियान्वयन नहीं करने का आरोप लगाया गया था जिला परिषद सदस्यों ने चार बिंदुओं पर आरोप लगाते हुए जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।
समाहरणालय परिसर में तैनात किए गए थे दंडाधिकारी एवं पुलिस बल
जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पर लाय गाय अविश्वास प्रस्ताव के लिए निर्धारित किए गए बहस की तिथि को मध्य नजर देखते हुए समाहरणालय परिसर में दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी दंडाधिकारी एवं पुलिस बल के जवान विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए लगातार परिसर में परिभ्रमण करते रहे
बोले अधिकारी
इधर इस संबंध में जानकारी देते हुए कैमूर जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि जिला परिषद सदस्यों द्वारा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था अविश्वास प्रस्ताव के लिए 16 जनवरी को तिथि निर्धारित की गई थी लेकिन निर्धारित किए गए तिथि पर एक भी सदस्य सदन में उपस्थित नहीं हुए जिसके चलते अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया जीप अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष अपने पद पर बनी रहेगी।




