अनिल शर्मा

नवादा। गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक पर्यटक स्थल बिहार के कश्मीर कहे जाने वाले ककोलत शीतल जलप्रपात में गुरुवार की दोपहर अचानक बाढ़ आ गई जिससे दर्जनों की संख्या में सैलानी घंटों फंसे रहे। सभी सैलानियों को ककोलत केयर टेकर जमुना पासवान एवं उनके सहयोगियों के द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। बताया जाता है कि ककोलत में भीषण बाढ़ आने से मुख्यधारा के समीप ऊपरी स्थल का भाग पूर्ण रूप से पानी में डूब गया। साथ ही नीचले हिस्से का 32 सिढ़ी पानी में डूब गया गया। इसके अलावे परिसर स्थित में मंदिर और ड्रेसिंग रूम का कुछ हिस्सा पानी में डूब गया। इस अवस्था में सैलानियों को बाहर निकलना काफी मुश्किल हो गया था। सोचने वाली तो बात यह है कि एसडीओ चन्द्रशेखर आजाद के निर्देशानुसार बीडीओ कुंज बिहारी सिंह के द्वारा ककोलत जलप्रपात में धारा 144 लागू कर सैलानियों को ककोलत आने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दिया गया था। उसके बाबजूद भी प्रतिदिन काफी संख्या में सैलानी ककोलत पहुंच रहे है और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बनी हुई हैं। जिसका नतिजा यह है कि आज भीषण बाढ़ में ककोलत जलप्रपात में हजारों लोग फंस गए। आज बड़ा हादसा हो सकता था, परंतु इसे ककोलत केयर टेकर तथा उसके सहयोगियों द्वारा बचा लिया गया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि इससे पूर्व भी कई बार बाढ़ आ चुका है।




