पंकज कुमार जहानाबाद ।
जनमुक्ति आंदोलन कार्यालय ग्राम नवादा में भारत की वर्तमान राजनीतिक पर एक दिवसीय विमर्श का आयोजन जनमुक्ति आंदोलन के नेतृत्व में किया गया जिसकी अध्यक्षता जनमुक्ति आंदोलन के महासचिव हरी लाल प्रसाद सिंह ने की इस चर्चा में दूर दराज से आए हुए प्रतिनिधियों ने भाग लिया इसमें ग्रामीण इलाकों से सैकड़ो कार्यकर्ता पुरुष एवं महिला कार्यक्रम में शिरकत कर इस विमर्श में अपनी सहभागिता दी। भारत की वर्तमान राजनीति एक विमर्श चर्चा में भाग लेते हुए वक्ताओं ने कहा कि हम 21वीं सदी के मुहाने पर खड़ी है सोवियत संघ के विघटन के बाद वैश्वीकरण का बहुत तेजी से फैलाव हुआ विघटन के पहले कम्युनिस्ट को बहुत बड़ा खतरा माना जाता था दुनिया के नचाने वाले अमेरिका हमारे सामने ऐसा खड़ा हो गया है जो अपने स्वार्थ साधने के लिए कुछ भी करने को तैयार है आजादी के ऐजेंडे में यह तय किया गया था कि जब तक निचले पायदान के लोग बराबरी पर नहीं आ जाते तब तक आजादी का कोई मतलब नहीं है। लेकिन यह बात सिर्फ बोलने तक ही सीमित रह गई आज भी इस देश में गैर बराबरी इस कदर है जिसका वर्णन बहुत लंबा होगा । बक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था अगर एक परिवार शिक्षित होगा तो देश को शिक्षित करने में सहायक सिद्ध होगा जनता अगर नहीं जगी तो देश बर्बाद हो जाएगा वक्ताओं ने यह भी कहा कि 22 जनवरी को भारत का आस्था का प्रतीक राम मंदिर का पट खुलने जा रहा लेकिन यह राम के दर्शन के लिए लोग जुटेंगे इसी बहाने मनुवादी ताकते का स्थापना किया जा रहा है। किसानों का फसल का उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा किसान सड़क पर आंदोलन कर रहे है लेकिन उनका सुनने वाला कोई नहीं किसान को कंगाल बनाने का प्रयास किया जा रहा है अंदानी अंबानी की सरकार देश में चल रही है ।मणिपुर में जिस तरह से महिलाओं को निर्वस्त्र किया जा रहा है और उसके विरोध करने वाले संसद को लोकसभा से निष्कासित किया जा रहा है देश का ऐसा कोई तब का नहीं है जो इससे प्रभावित नहीं है वर्तमान राजनीति से परेशान नहीं है यह सरकार विपक्ष मुक्त संसद ,और आंदोलन मुक्त सड़क चाहता है एक धारा में जनता और दूसरी धारा में आरएसएस से संचालित केंद्र सरकार चल रही है। देश के जनतंत्र लोकतंत्र लहूलुहान हो रहा है देश संविधान से चलेगा या मनुवाद से चलेगा यह आपको तय करना है अब वक्त आ गया है कि अगर हम नहीं जागे आवाम नहीं जगा तो देश के अंग्रेजों के द्वारा गुलाम हो जाएगा भारत में नए संसद भवन के उदघाटन में संविधान का पाठ नहीं कराया गया बल्कि वेद का पाठ किया जा रहा है भारत के माननीय राष्ट्रपति एक आदिवासी महिला है लेकिन संसद भवन का उदघाटन इन्हें नहीं करने दिया गया ।2023 में ही नए साल 2024 की आहट सुनाई पड़ रहा है विपक्षी आवाज को बंद करने का प्रयास सांसदों की लोकसभा से बर्खास्त की मोदी शाह शासन अंदानी अंबानी के इशारे पर चल रही है इस कार्यक्रम में जन मुक्ति आंदोलन के उपाध्यक्ष संत प्रसाद जनमुक्ति आंदोलन के नाजनी परवीन, शमशाद आलम ,रामप्रवेश यादव ,विश्वनाथ यादव धानो देवी हायर एजुकेशन के सचिव डॉ रविकांत कुमार, मरछू रविदास , पूर्व मुखिया रंजीत पासवान,शिक्षाविद राज किशोर जी, प्रखंड प्रमुख काको, अत्रि के पूर्व विधायक कृष्णानंद प्रसाद जी, माले के शीर्ष नेता रामाधार सिंह, ने अपनी बातें रखी।




