निजी जमीन पर बने मकान को तोड़ने पर कोर्ट में तत्कालीन सीओ पर लिया संज्ञान!

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रिपोर्ट – संतोष तिवारी

बिहार/मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर में निजी जमीन पर बने मकान को अतिक्रमित बता बुलडोजर से तोड़ने के मामले में मड़वन के तत्कालीन सीओ पर कोर्ट ने लिया संज्ञान..दर्ज परिवाद पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी ने की सुनवाई..
मड़वन के तत्कालीन को और हल्का कर्मचारी के विरुद्ध किया समन जारी ..3 जनवरी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश
मुजफ्फरपुर में निजी जमीन पर बने मकान को अतिक्रमित बताकर तोड़ने को लेकर दर्ज परिवाद पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी जयप्रकाश ने सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने मरवन के तत्कालीन सीओ सतीश कुमार और हल्का कर्मचारी राघवेंद्र कुमार के विरुद्ध संज्ञान लिया है। कोर्ट ने दोनों के विरुद्ध समन जारी करते हुए उनकी उपस्थिति के लिए अगली तिथि 3 जनवरी को निर्धारित की है अधिवक्ता कमलेश कुमार ने बताया कि कोर्ट ने तीन धाराओं में संज्ञान लिया है इसमें सरकारी कर्मी के होने के बाद भी कानून उल्लंघन करते हुए क्षति पहुंचाने संपत्ति को नुकसान पहुंचाने अनाधिकृत रूप से किसी के घर में प्रवेश करने की धाराएं शामिल है।कांटी के शुभंकरपुर निवासी राजेश कुमार ने अपने अधिवक्ता कमलेश कुमार के माध्यम से 18 अक्टूबर 2022 को एसीजेएम-1 (पश्चिमी) की अदालत में परिवाद दर्ज कराया था। राजेश ने तत्कालीन सीओ सतीश कुमार, तत्कालीन
कर्मचारी राघवेंद्र कुमार एवं अन्य को आरोपित बनाया था। आरोप लगाया था कि वे कांटी थाना क्षेत्र के शुभंकरपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक है।
2021 में 15 जनवरी को उन्होंने जमीन खरीदी थी। जिस पर पक्का मकान बनाकर वे सपरिवार रहते हैं। सीओ ने मेरे मकान को सरकारी जमीन में बताकर अतिक्रमण
का मौखिक आदेश दिया। क्योंकि जमीन एवं पक्का मकान निर्माण के पूर्व जमीन की मापी कराई गई थी। सीओ को
सरकारी अमीन से उक्त जमीन व मकान की पैमाइस कर उसकी स्थिति को स्पष्ट करने का अनुरोध किया।लेकिन सीओ भड़क गए और उन्होंने बुलडोजर से मकान को ध्वस्त करवाने
की धमकी दी। इसके बाद उनकी अनुपस्थिति में मकान को तोड़ दिया गया।

बाइट-कमलेश कुमार,अधिबक्ता
बाइट-राजेश कुमार,वादी

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