रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय
आरा। महाजन टोली नंबर दो स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में पर्युषण महापर्व के समापन पर जिनेद्र प्रभु का भावसहित पंचामृत अभिषेक, 108 कलशों से अभिषेक, वृहत शांतिधारा एवं पूजन संपन्न हुआ। जिसमें प्रथम कलश करने का सौभाग्य पूनम-राजन जैन, शांतिधारा विनिता-पंकज जैन, 108 कलशों के पुण्यार्जक प्रीति-लोकेश कुमार एवं जयमाला राजेश्वरी जैन परिवार को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ शशांक जैन ने किया। कार्यक्रम की समाप्ति पर साधर्मी वात्सल्य समाज के द्वारा आयोजित था जिसे सभी भक्तों ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किए। जैन समाज के मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन ने बताया कि पर्युषण पर्व जैन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। इसे पर्युषण महापर्व भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है जिस दौरान भगवान महावीर ने शिक्षा दी थी उस समय को ही पर्युषण पर्व कहा गया था। इस महापर्व के दौरान जैन समाज के लोग बड़े ही भक्ति भाव के साथ अभिषेक, विशेष पूजा अर्चना, आराधना, तप, ध्यान करते हैं। पर्युषण का पर्व यह साधक को उत्तम गुण अपनाने की प्रेरणा देता है। इन दस दिनों में जैन धर्म के लोग व्रत, तप, साधना करके आत्मा की शुद्धि का प्रयास करते हैं। जैन समाज के अध्यक्ष कमलेश कुमार जैन ने बताया कि सालभर के सांसारिक क्रिया-कलापों के कारण जीवन में जो भी दोष आ जाते हैं उन्हें यह पर्व दूर करने का काम करता है साथ ही पर्यूषण पर्व के समापन पर क्षमावाणी पर्व मनाया जाता है जिसमें सभी साधर्मी बंधु एक दूसरे से उत्तम क्षमा मांग कर, मन वचन काया से क्षमा मांगते है। इस महापर्व के कार्यक्रम में अध्यक्ष कमलेश कुमार जैन, उपाध्यक्ष रीना जैन, सचिव डॉ आदित्य बिजय जैन, संयुक्त सचिव बिभु जैन, कोषाध्यक्ष धीरेन्द्र चंद्र जैन, मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन, संयोजक आकाश जैन, डॉ शशांक जैन, मनोज जैन, महेन्द्र किशोर जैन, ब्र सुलोचना दीदी, अजय जैन, डॉ जया जैन, डॉ श्वेता जैन, मृगांक जैन, ज्ञान चंद्र जैन, अमल कुमार जैन, दीपू जैन, वीना जैन, अनुपमा जैन, सीपी जैन, रूपाली जैन, ओंकार अग्रवाल के साथ सैकड़ों की संख्या में पुरुष, महिलाएं एवं बच्चें उपस्थित थे।

आपका – निलेश कुमार जैन
मीडिया प्रभारी
जैन समाज, आरा




