नेहा कुमारी की रिपोर्ट
बेगूसराय जिले के बखरी प्रखण्ड में बाबा गरीब नाथ मंदिर परिसर में गणेश भगवन की भव्य प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा के साथ पांच दिवसीय गणेश उत्सव मेला आयोजन किया जा रहा है। बखरी नगर परिषद क्षेत्र में भव्य कलश शोभा यात्रा गाजा, बाजा के साथ निकाली गया। मेला शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर बखरी थाना पुलिस एक्टिव मूड में देख रही है। भगवान श्री गणेश जी के उपासक श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में इस सालिया इस मौके पर उपमुख्यपार्षद ज्ञानती देवी,मेला संयोजक भाजयुमो नेता पूर्व पार्षद नीरज नवीन, अध्यक्ष विजय नेमानी, सचिव सुरेन्द्र केशरी आदि के नेतृत्व में सैंकड़ों की संख्या में महिलाएँ बच्चियों की हुझूम ने कतारबद्ध होकर गायत्री मंदिर परिसर से माथे पर पवित्र गंगाजल से अच्छादित कलश,आम का पल्लो, रक्षासूत्र व पवित्र लाल कपड़े में बंधा नारियल सहित आचार्य सीताराम शास्त्री द्वारा वैदिक मन्त्रोंउचच्चारण के बाद भव्य कलश शोभा स्टेशन रोड अट्टखुट्टी होकर श्री श्याम हनुमान मंदिर, महादेव स्थान, मुख्य बाजार होते हुए मक्खाचक के रास्ते अम्बेडकर चौक पहुंचा। जहां से मुड़कर मुख्य बाजार होकर कर पुरानी दुर्गा स्थान होते हुए बाबा गरीब नाथ मंदिर का परिक्रमा किया। जिसके बाद कलश शोभा यात्रा का समापन केशरी धर्मशाला में किया गाय। जहां फल व जल से कलश शोभा यात्रा में शामिल सभी भक्तों का स्वातम किया गया। जबकि भ्रमण के क्रम में श्रद्धालुओं ने कईयों जगह पानी, शर्बत जूस पिलाकर गणेश भक्तों का स्वातम किया। इसके बाद आचार्य श्री शास्त्री के द्वारा भगवान श्री गणेश, कार्तिक जी, माता पार्वती, मनसा देवी, रिद्धि सिद्धि,नंदी महराज की प्रतिमा को जजमान सुरेन्द्र केशरी, अमरनाथ साहू,जनक केशरी, ओमप्रकाश केशरी,संचित नेमानी,प्रदीप गुप्ता, द्वारा संकल्प लेकर प्राण प्रतिष्ठा दिया गया. वही कलश यात्रा मे भ्रमण में पंकज केशरी,गौतम सिंह राठौर,अमित पोद्दार,रामचंद्र सहनी, पार्षद प्रतिनिधि संतोष साह, मुकेश कुमार, श्रवण बजाज, प्रेम किशन मन्नू, पवन साह, कौशल किशोर क्रान्ति, श्रवण साह, संजीत साह, अमर राजा,जयदेव सन्याल,मनोज साव,सुनील पोद्दार,रंजन, रामचंद्र सहनी पार्षद अनीता देवी, रविंद्र सहनी, बिट्टू शर्मा, रामप्रताप साव,हिमांशु, संजीव पोद्दार, सहित नगर परिषद बखरी के सैंकड़ो प्रबुद्ध, सामाजिक, धार्मिक कार्यकर्ता शामिल हुए। वहीं दोपहर हर एक बजे से श्री गणेश जी की भव्य प्रतिमा का वैदिक उच्चारण व हवन-पूजन के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गयी। जिसके साथ ही पांच दिवसीय भव्य गणेश मेला शुरुआत हो गया।




