बेगूसराय- निजी स्कूलों में भी रक्षाबंधन की रही धूम, विभिन्न प्रकार से मनाया गया त्योहार!

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नेहा कुमारी सिटी रिपोर्टर

बेगुसराय में माउंट लिट्रा और किड्जी में धूमधाम से मनाया गाया रखी बंधन,रक्षाबंधन त्यौहार हमारी संस्कृति का पहचान है:- शीतल देवा

बेगुसराय में भाई बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का त्यौहार रक्षाबंधन को माउंट लिट्रा सह किड्जी बीआरटीएस में धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर विद्यालय परिसर में सुबह से ही बहनें नवीन परिधानों में सुसज्जित होकर थाल में रंग बिरंगी राखी तिलक वह चंदन लिए भाइयों की कलाई में राखी बांधने को उत्सुक दिखाई दे रही थी। इस अवसर पर जिले के कई शिक्षाविदों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। विद्यालय में रक्षा बंधन से प्रेरित कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कक्षा प्ले ग्रुप से कक्षा 12वीं तक के छात्र- छात्राओं ने राखी बांधकर इस पर्व की शोभा बढ़ाई। जहां एक ओर अतिथियों के सम्मान में उनके लिए स्वागत गान, गणेश वंदना गीतों से उनका स्वागत किया गया वहीं विद्यालय के बच्चों ने प्रेरक लघु नाटक, साथ हूं मैं ,चले जैसे हवाएं ,गलती से मिस्टेक ,आई एम डिस्को डांसर, जैसे गीतों से सभी को भावविभोर कर दिया । जिले के शिक्षाविदों ने मुक्त स्वर से विद्यालय द्वारा किए गए रक्षाबंधन कार्यक्रम को एक प्रेरणादायी सफल प्रयास बताया ।विद्यालय की प्राचार्यों शीतल देवा ने कहा कि यह त्यौहार हमारी संस्कृति की पहचान हैं और हिंदू धर्म का एक अपना बहुत ही पवित्र और प्राचीन इतिहास रहा है जिसे कई सालों से अलग-अलग क्षेत्र में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। इस त्यौहार में बहनें अपने भाई से अपने जीवन रक्षा के वचन लेती है वहीं भाई के लम्बी उम्र की कामना करती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय भारतीय संस्कृति को सर्वोपरि रखते हुए बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ तमाम भारतीय संस्कारों को भी डालने का प्रयास करती है ।उन्होंने कार्यक्रम में शिरकत सभी शिक्षाविदों को अपना बहुमूल्य समय देने के लिए हृदय से धन्यवाद दिया। विद्यालय के निदेशक डॉक्टर मनीष देवा ने कहा कि भाई-बहन का रिश्ता केवल राखी के डोर तक ही सीमित नहीं है और ना ही इस रिश्ते को परिभाषित कर पाना आसान है इसकी व्यापकता तब और बढ़ जाती है जब हमारे सैनिक भारत मां सुरक्षा के लिए सीमा पर डटे डॉक्टर देश की स्वास्थ्य सेवा के लिए मरीज के साथ हर वक्त खड़े रहते हैं चाहे पर्यावरण की रक्षा करने वाले प्रयाग पर्यावरणजीवी आदि हो उसी प्रकार आमजन मानस का भी कर्तव्य है कि वह अपनी बहन ही नहीं अपितु समाज के तमाम नारियों के प्रति सम्मान का भाव रखें यही हमारी भारतीय संस्कृति है जिसे हम आधुनिक युग में पंगु होने से बचा सकते हैं साथ ही उन्होंने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं सभी विद्यालय परिवार को दी।

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