एक विद्यालय ऐसा भी जहां क्लास रूम में छाता लेकर विद्यार्थी करते हैं पढ़ाई

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निभाष मोदी, भागलपुर,

भागलपुर,इन दिनों एक वीडियो खूब तेजी से वायरल हो रहा है…यह वीडियो एक स्कूल का है जहां पर क्लासरूम में बच्चे छाता ओढ़े पढ़ाई कर रहा है।यह वीडियो कहीं ना कहीं बिहार में शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की चाहे जितने भी दावे किए जाते हों.. लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी संतोषजनक नहीं है।भागलपुर में सरकारी विद्यालय की जो तस्वीर सामने आई है.. वह न केवल सरकार के दावों की पोल खोलती है बल्कि ये सोचने को भी मजबूर करती है कि आखिर ये बच्चों का भविष्य कैसे सबरेगा…कैसे इस विद्यालय में पढ़ेंगे…उच्च शिक्षा की तालीम पाने की बात कहने वाले कैसे उच्च शिक्षा प्राप्त करें।
हम जिस विद्यालय की बात कर रहे हैं वह भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड के सैदपुर उच्च विद्यालय की है हालत बेहद खराब है..ब्रिटिश शासनकाल में ही बने इस विद्यालय ने देश को कई होनहार छात्र दिए हैं। लेकिन आज उसकी स्थिति बदहाल है। इसकी स्थापना साल 1941 में हुई थी उस समय ग्रामीणों के सहयोग से ईंट और खपरैल से छह कमरा बना था उसके बाद स्कूल जीर्णोद्धार हुआ। आज लगभग विद्यालय का 82 साल हो गया है वही विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है…जिसमें रखे बेंच, डैस्क, टेबल और लाखों के सामान बर्बाद हो रहे हैं.. विद्यालय के चारदीवारी में खरपतवार भी उग आए हैं।भवन निर्माण के बाद आज तक कभी भी मरम्मत का काम नहीं हुआ।छत और दीवार में भी दरार आ गई है।छत का प्लास्टर टूट कर गिरता है।पढ़ाई हो रही कक्षाओं में पानी भी टपकता है। जिस वजह से कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है। विद्यालय में 400 बच्चे अपना भविष्य संवारने का सपना संजोए विद्यालय पढ़ने आते हैं लेकिन व्यवस्था से वह निराश नजर आते हैं।
जब छात्रों से बात की तो उन्होंने बताया कि यहां बारिश के समय में क्लासरूम के छत से पानी टपकता है।जिसके कारण से हमलोग स्कूल नहीं आना चाहते है।सही से पढ़ाई- लिखाई भी नहीं हो पाती है।बारिश के समय में पूरे स्कूल में पानी भर जाता है।जिस वजह से बारिश के समय में हमलोग क्लासरूम में छाता लेकर बैठते हैं।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक गिरीश कुमार मंडल ने बताया कि विद्यालय के वर्ग में बरसात के समय पानी के टपकने से पठन-पाठन सही से नहीं हो रहा है। बरसात के दिनों में बच्चे डर से पढ़ने नहीं आना चाहते।जब बरसात होती है तो बच्चों को यहां से निकाल देते हैं। इस वजह से पढ़ाई में दिक्कत तो होती ही है।कई बार बच्चों के साथ-साथ अभिभावक भी शिकायत लेकर आते हैं लेकिन हम क्या कर सकते हैं।जिला के शिक्षा विभाग को प्रत्येक वर्ष पत्र के माध्यम से जानकारी दे रहे हैं लेकिन इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं हुई है। भवन निर्माण के लिए डीपीओ और डीईओ को सूचना दी है लेकिन कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिला।पहले के बीईओ से भी इस बारे में बात की गई थी लेकिन कोई पहल नहीं हुई।

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