अमित कुमार की रिपोर्ट
बिहार में बीपीएससी के माध्यम से 24 अगस्त से शुरू हो रही शिक्षक नियुक्ति परीक्षा को लेकर बिहार लोक सेवा आय़ोग चेयरमेन अतुल प्रसाद ने बड़ी घोषणा की है और परीक्षा में शामिल होने को लेकर बी.एड वाले अभ्यर्थियों के शामिल होने को लेकर चल रहे संशय को दूर करने की कोशिश की है। चेयरमेन ने कहा कि जबतक एनसीटीई नई गाइडलाइन जारी नहीं करती है तबतक बीएड सर्टिफिकेट वाले परीक्षा देने के लिए योग्य हैं,पर परीक्षाफल पर उनका अधिकार नहीं है। अगर एनसीटीई नई गाईडललाइन जारी करती है। तो उसी के अनुसार हम रिजल्ट जारी करेगे। अगर उन्हें रिजल्ट से वंचित किया जाता है तो फिर उनके द्वारा दी गई परीक्षा उनका चांस नहीं माना जाएगा।अतुल प्रसाद ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त संख्या में योग्यताधारी हैं तो परीक्षा रद्द करने का क्या मतलब है।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों के अधिकार का हनन नहीं करेंगे और परीक्षा रद्द नहीं करेंगे.उनकी मानें तो 3 लाख 80 हजार डिप्लोमाधारी अभ्यर्थी हमारे पास हैं। ये हमारी वेकेंसी से 5 गुणा है।इसलिए सर्वोच्च न्यायालय के गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं कर सकतें हैं। एनसीटीई की गाईडलाइन के मुताबिक आगे रिजल्ट जारी किया जाएगा। आयोग के चेयरमैन अतुल प्रसाद ने बताया की बीच बी.एड योग्यताधारी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर सकतें हैं और आगे माननीय कोर्ट का कोई नया फैसला आता है तो उस अनुसार परीक्षाफल का प्रकाशन होगा।
इसके अलावा आयोग के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने परीक्षा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस बार की परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। क्वेश्चन पेपर तैयार हो चुके हैं. इस बार एग्जाम कदाचार मुक्त होगी।इसके लिए बायोमेट्रिक ऑब्जरवर्स की भी व्यवस्था की गई है। एक घंटा से पहले सेंटर में प्रवेश बंद हो जाएगा।CCTV की निगरानी में परीक्षा होगी। सेंटर के एक रूम में अभ्यर्थियों के पास सीधे एग्जाम का क्वेश्चन पहुंचेगा।परीक्षार्थी के समक्ष ही क्वेशचन पेपर का लिफाफा फाड़ा जाएगा।इसके साथ ही परीक्षा के बाद अलग तरह से कॉपी सील की जाएगी।ताकि उसमें किसी तरह से छेड़छाड़ नहीं किया जा सके।
बाइट:-अतुल प्रसाद, चेयरमैन बीपीएससी




