अमित कुमार की रिपोर्ट
जातीय जनगणना पर याचिकाकर्ता के वकील का बयान
एंकर बिहार में जातीय जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है इसके तहत जातीय जनगणना पर जो अदालत ने रोक लगाई थी उस रोक को हटा ली गई जिसके बाद नीतीश सरकार को बड़ी राहत मिली है और अब बिहार में जातीय जनगणना कराने की कोर्ट से अनुमति मिल गई है लेकिन जातीय जनगणना के खिलाफ याचिकाकर्ता की वकील का कहना है कि कोर्ट के तमाम बिंदुओं पर आकलन किए जाने के बाद ही कोई टिप्पणी की जा सकेगी हालांकि उन्होंने यह कहा कि कोर्ट के फैसले का आकलन किए जाने के बाद इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी जाएगी उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना कराने के लिए केंद्र सरकार अधिकृत है राज्य सरकार नहीं और इसी बिंदु पर पटना हाईकोर्ट ने जातीय जनगणना पर रोक लगाने की अंतरिम आदेश दिए थे लेकिन पटना हाईकोर्ट ने ही फिर से जातीय जनगणना कराने का आदेश जारी करते हुए तमाम याचिकाओं को खारिज कर दिया है ऐसे में कोर्ट के फैसले को पढ़े जाने के बाद ही कोई विशेष टिप्पणी की जा सकेगी बताते चलें कि जुलाई में 7 दिन तक सुनवाई के बाद पटना हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसके बाद आज कोर्ट ने राज्य सरकार को राहत देने वाला फैसला सुनाया है जिस पर सभी की निगाहें टिकी थी
वाइट दीनू कुमार याचिकाकर्ता के वकील पटना हाई कोर्ट




