खैरा स्टेट के राम-जानकी शिव मंदिर में अज्ञात चोरों ने फिर दिया चोरी की घटना को अंजाम।

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बांका- अश्वनी श्रीवास्तव की रिपोर्ट

पूर्व में चार बार चोरों का गिरोह इस मंदिर में चोरी की घटना को दे चुके हैं अंजाम।

पीतल आदि से बने फूल जैसी करीब 20 किलो दुर्लभ व बेशकीमती आकृतियों की चोरी।

मंदिर ट्रस्ट के सचिव ने रजौन थाना में चोरी की घटना की कराई प्राथमिकी दर्ज।

शंखनाद के लिए अश्वनी श्रीवास्तव की रिपोर्ट :-

बांका : रजौन प्रखंड के खैरा गांव स्थित खैरा स्टेट के श्रीराम जानकी शिव मंदिर में एक बार फिर अज्ञात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम देकर इलाके में सनसनी फैला दी है। करीब 130 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में बेशकीमती मूर्तियां सहित अन्य दुर्लभ आकृतियों की चोरी की यह पांचवीं घटना है। पूर्व में हुई चोरी की घटना में शामिल अपराधियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है, जिससे ऐसे चोरों का मनोबल लगातार बुलंद है। शुक्रवार की रात्रि अज्ञात चोरों ने मंदिर के गुम्बद में लगे पीतल आदि से बने कमल या केला के फूल जैसी आकृति की 25 से 30 फूल (कैप) उड़ा ले भागे, बताया जाता है कि चोरी हुई 25-30 फूल का वजन करीब 20 किलोग्राम से ज्यादा है, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों कि आखिर जा रही है। श्रीराम जानकी खैरा ड्योढ़ी ट्रस्ट द्वारा संचालित इस मंदिर में चोरों ने पांचवी बार चोरी की घटना को अंजाम दिया है। ट्रस्ट के सचिव सुजीत कुमार सिंह ने शनिवार को रजौन थाना को लिखित आवेदन देकर अज्ञात चोरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। खैरा ड्योढ़ी परिवार के सदस्यों के अनुसार शुक्रवार की रात्रि करीब 10 बजे मंदिर में कुछ गिरने की जोरदार आवाज हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने हो-हल्ला मचाया, लेकिन ग्रामीणों के मंदिर तक पहुंचने के पूर्वी इसके पूर्व ही शिव मंदिर के गुम्बद से पीतल आदि से निर्मित फूल को खोलकर अज्ञात चोर भाग निकले। भागने के क्रम में दीवाल से उसी के गिरने की आवाज हुई थी। दीवाल फांद कर भागने के कर्म में संभवत चोर जख्मी भी हुए हैं, क्योंकि वहां खून के धब्बे भी पाए गए हैं। इधर ग्रामीणों ने इस घटना की जानकारी रजौन पुलिस को दी, इसके बाद थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने सहायक अवर निरीक्षक मनोज कुमार झा को घटनास्थल पर पुलिस बल के साथ भेजा। मंदिर परिसर से पुलिस को अज्ञात चोरों का एक जूता तथा पीतल की 5-6 फूल गिरी पड़ी मिली है, जबकि मंदिर के पिछले हिस्से में नाली सहित कई अन्य स्थानों से चोरों के खून के धब्बे भी मिले हैं। इस मंदिर में पूर्व में भी कई बार अज्ञात चोरों ने भीषण चोरी की घटना को अंजाम दिया है, लेकिन पुलिस अब तक चोरों तक नहीं पहुंच सकी है। रजौन थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि श्री राम जानकी खैरा ड्योढ़ी ट्रस्ट के सचिव ने लिखित आवेदन दी है। मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

करीब 7 दशकों के भीतर इस मंदिर घट चुकी है चोरी की और चार बड़ी घटनाएं–

खैरा ड्योढी के करीब 130 बरसों पुराने इस मंदिर से चोरों का नाता पुराना है। इसी परिवार से जुड़े धौनी रेलवे स्टेशन के सेवानिवृत्त मैनेजर दिलीप प्रसाद सिंह ने बताया कि 1957 ईस्वी में चोरों ने राम लक्ष्मण एवं सीता के सोने की मुकुट चुरा लिए थे। इधर 8 दिसंबर 2005 को अज्ञात चोरों के गिरोह ने मंदिर में स्थापित कीमती पत्थर की मूर्तियों पर हाथ साफ कर लिया था। इतना ही नहीं अज्ञात चोरों के बुलंद हौसलों ने वर्ष 2015 में भी रजौन पुलिस को खुली चुनौती देते हुए तीसरी बार 23 जनवरी 2015 को श्री रामचंद्र भगवान की 30 केजी का अष्टधातु निर्मित मूर्ति चुरा ले भागे थे। करीब एक सप्ताह चोरों ने कीमती तंबा से निर्मित तड़ित चालक एवं मंदिर परिसर का चापाकल पर भी हाथ साफ कर लिया था।
इस मंदिर एवं शिवालय का निर्माण 1894 से लेकर 1896 ने कराई गई थी। मंदिर और शिवालय को बनाने में करीब 2 वर्ष लगा था। मंदिर का निर्माण पूर्वज लख्खी मंडल एवं लोकनाथ प्रसाद मंडल द्वारा कराई थी। इधर पांचवी बार इसे पुराने मंदिर में चोरी की घटना घटने के बाद इलाके में एक बार फिर सनसनी फैल गई है।

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