रिपोर्ट अनमोल कुमार
ब्रह्माकुमारी संस्था के पटना सब जोन के मुख्य सेवा केंद्र कंकड़बाग पटना के द्वारा 87वी शिव जयंती के उपलक्ष में कदम कुआं स्थित हिंदी साहित्य सम्मेलन भवन में एक सर्वधर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अलग-अलग धर्म से जुड़े विशिष्ट लोगों ने भाग लिया। जिसमें मुख्य रुप से कैथोलिक चर्च के फादर जेम्स जॉर्ज, पटना साहिब गुरुद्वारा के उपाध्यक्ष सरदार हरजीत सिंह जी, गायत्री परिवार की तरफ से श्री रमेश सिंह जी, इस्कॉन की तरफ से श्री वीर राघव दास जी ,जैन धर्म से श्री विजय जैन जी ने ईश्वर एक है विषय पर अपने अपने वक्तव्य दिए। कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए पटना सब जोन मुख्यालय कंकड़बाग सेवा केंद्र की संचालिका बीके संगीता दीदी ने बताया कि विश्व में आज शांति और भाईचारे के लिए कितने भी प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन दिन प्रतिदिन दुनिया के हालात और भी खराब होते जा रहे हैं ।इसे बेहतर करने का यही एकमात्र उपाय है कि हम अपने स्व को जाने और सभी मनुष्य आत्माओं के पिता जिसे अलग-अलग धर्म में अलग अलग नाम से पुकारते हैं उसे जाने ।जब हम एक पिता की संतान है तो फिर भेदभाव और नफरत कैसी? इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए माननीय उद्योग मंत्री समीर महासेठ जी ने भी इस बात की आवश्यकता पर बल दिया कि जब सभी धर्म के धर्मगुरु सामूहिक रूप से प्रयास करें तभी विश्व में शांति और एकता कायम हो सकती है ।इसके लिए उन्होंने भी इस तरह सभी धर्म गुरुओं को इस कार्यक्रम के तहत एक मंच पर लाने की आवश्यकता पर बल दिया ।साथ ब्रह्माकुमारी संस्था के द्वारा की जाने वाली सेवाओं की भूरी भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में ब्रम्हाकुमारी डॉक्टर कीर्ति ने राजयोग की अनुभूति कराई। कार्यक्रम का संचालन बी के ज्योति ने किया बी के सत्येन्द्र ने।मंचासीन अतिथियों एवं उपस्थित श्रोताओं का धन्यवाद ज्ञापन किया।





3 thoughts on “ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा 87 शिव जयंती समारोह का भव्य आयोजन”
Thank you, your article surprised me, there is such an excellent point of view. Thank you for sharing, I learned a lot.
Can you be more specific about the content of your article? After reading it, I still have some doubts. Hope you can help me.
Thank you for your sharing. I am worried that I lack creative ideas. It is your article that makes me full of hope. Thank you. But, I have a question, can you help me?