ऋषभ कुमार की रिपोर्ट!
वैशाली अगर आपके पास पैसा नहीं है तो मरीज की जान की कोई कीमत नहीं है। एक गरीब की लड़की डिलीवरी के लिए लालगंज के सभी निजी अस्पतालों में ठोकड़े खाती रही और प्रसव पीड़ा से तड़पते हुए दम तोड़ दी। महिला का नाम रंजू देवी और पिता का नाम जगन्नाथ राम बताया गया है। बसंता जहानाबाद निवासी जगन्नाथ राम की लड़की रंजू देवी अपने मायके में डिलीवरी के लिए रह रही थी। बीती रात प्रसव पीड़ा हुई तो पहले आभा सिन्हा के क्लिनिक में परिजन ले गये। क्योंकि पूर्व से इलाज वहीं से चल रहा था। लेकिन डिलीवरी के वक्त डाक्टर ने पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद एक एक कर सभी निजी क्लिनिकों के चक्कर लगाती रही। लेकिन उनके पास इतना पैसा भी नहीं था कि एंबुलेंस भाड़ा कर सरकारी अस्पताल में ले जाए। आखिर रंजू देवी ने प्रसव पीड़ा से तड़पते हुए प्राण त्याग दिये। बिहार सरकार सभी अस्पतालों को सुविधा मुहैया करा रही है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से निजी अस्पताल चांदी काट रहे हैं। आज एक महिला की जान चली गयी और निजी अस्पताल अपनी मनमानी करते रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से ही निजी क्लिनिक मनमानी कर लाखों रूपये बटोर रहे हैं चाहे मरीज की जान ही क्यों न चली जाए।




