आरा/आशुतोष पाण्डेय
भोजपुर के बामपाली का लाल प्रमोद कुमार एक दर्दनाक सड़क हादसे में शहीद हो गए हैं।जहां जवान की शहादत की खबर मिलते ही परिवार समेत गांव में शोक की लहर देखी जा रही है।वहीं शाहिद प्रमोद के सव के आने के बाद पूरे परिवार सहित गाँव मे हाहाकार मच गया है।दरअसल शुक्रवार को सिक्किम में सेना के ट्रक के खाई में गिर जाने के बाद शहीद 16 जवानों में एक आरा के बामपाली का जवान प्रमोद भी शहीद हो गए थे.शहीद जवान का नाम प्रमोद सिंह बताया जा रहा है जो उदवंतनगर के वामपाली के रहनेवाले थे.इस ख़बर के मिलने के बाद से ही पूरे वामपाली गांव में आज शहीद के सव के आटे ही लोगों में हाहाकार मच गया हैं.हालांकि शहीद जवान की पत्नी और पिता सहित माँ के चीत्कार को देख किसी का दिल दहला जाए। फिलहाल देहरादून में अपने बच्चों के साथ रह रही शहीद की पत्नी और बच्चों के साथ फ्लाइट से गांव पहुंच चुकी है।.वहीं शहीद के पैतृक गांव वामपाली स्थित घर पर लोगों हुजूम जमा हुआ है.2011 में दानापुर में जॉइनिंग के बाद फिलहाल वो सिक्किम में 221 फील्ड रेजिमेंट में आर्टिलरी कोर में नायक के पद पर तैनात थे.शहीद जवान प्रमोद सिंह दो महीनों की छुट्टी लेकर गांव आये थे और 20 दिनों पहले ही वो गांव से छुट्टी बिताने के बाद सिक्किम अपने पोस्ट की ओर लौट गए थे. दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटे साथ ही स्वभाव से मृदुल और मिलनसार शहीद प्रमोद सिंह के शहीद होने की ख़बर से ही घरवालों और नाते रिश्तेदारों में गम का माहौल है.वही शहीद जवान के दोस्तों ने इस शहादत पर फक्र करते हुए कहा कि उनकी स्मृति शेष के लिए गांव में स्मारक और तोरण द्वार और आश्रितों को नौकरी देने की मांग की है.वहीं आज शहीद प्रमोद को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।इस दौरान सेना के कई आला अधिकारी और जिलाधिकारी भोजपुर राजकुमार सहित कई वरीय पदाधिकारियों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।जवान के अंतिम विदाई में गाँव के चीत्कार एक यादगार पल बन गया जो शहीद प्रमोद को अमर कर गया।वहीं शहीद के सव के आगमन को ले भोजपुर जिले के सैकड़ों युवाओं ने हांथ में तिरंगा झंडा लिए वीर प्रमोद को सलामी दी।हर तरफ वीर प्रमोद अमर रहें का नारा गूंज रहा था।इस दौरान सेना शहीद प्रमोद को सलामी भी दी जिसके बाद प्रमोद के चिता को अग्नि के हवाले किया गया।प्रमोद के अंतिम संस्कार में कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहें।इस दौरान जिलाधिकारी भोजपुर राजकुमार भी भवुक हो गए।
बाईट/-दोस्त(शहीद).
बाईट/-राजकुमार(जिलाधिकारी भोजपुर)




