छपरा में जहरीली शराब से मौत के बाद अब दवा दुकानों पर भी होने लगी छापेमारी!

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ऋषभ कुमार की रिपोर्ट

— जहर बनी शराब तो पुलिस दवाओं में भी ढूंढने लगी शराब

— छपरा में जहरीली शराब से मौत के कहर के बाद अब दवाओं पर भी होने लगी छापेमारी

— हाजीपुर में उत्पाद विभाग की टीम ने दवा में शराब की तलाश में छापेमारी की , और भारी मात्रा में दवाओं को जप्त किया है और एक दवा दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया है

दरअसल उत्पाद विभाग की ये कारवाही होमियोपैथ की दवा दुकानों पर हुई है जिसमे उत्पाद विभाग की टीम ने वैशाली में कई दवा दुकानों पर छापेमारी की और भारी मात्रा में दवाओं को जप्त किया है

मसला ये है की होमियोपैथ की दवाये अल्कोहल से ही बनती है , और इन दवाओं को बेचने के लिए लाइसेंस की व्यवस्था है … बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद होमियोपैथ की दवाओं के लिए नियम बदले गए थे और इन दवाओं पर उत्पाद विभाग की नजर रहती थी .. लेकिन आमलोगों में होमियोपैथ के प्रचलन और व्यभारिकता के चलते शायद ही कोई जांच या कारवाही होती थी

लेकिन जहरीली शराब से मौतों ने सरकार और प्रशासन को इस कदर बौखला दिया है की प्रशासन दारु तो छोड़िये शराब की तलाश में अब दवाओं के भी पीछे पद गई है

हाजीपुर उत्पाद विभाग की टीम ने लालगंज में होमियोपैथ दवाओं की ऐसी ही कई दुकानों पर एक साथ छापेमारी की …. दवा दुकानों में दवाओं में एल्कोहल और शराब की तलाश में उत्पाद विभाग की टीम ने भारी मात्रा में दवाओं को जप्त किया …

हालांकि इन दवाओं में शराब होने जैसी कोई चीज तो नहीं मिली … लेकिन शराब से मौत के हंगामे और बवाल के बाद टीम पर कारवाही का दबाब दिख रहा है , सो उत्पाद विभाग की टीम ने एक दुकानदार को बिना लाइसेंस के इन दवाओं को बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और दवा दूकान में मिल रही इन दवाओं को जप्त कर उत्पाद थाने ले आई

उत्पाद इन्स्पेक्टर शैलेन्द्र कुमार ने बताया की लाइसेंस नहीं होने के आरोप में दवाओं को जप्त किया गया है

होमियोपैथ की दवाओं के एल्कोहल से ही बनने की हकीकत सब जानते है … ये दवाये अल्कोहल की ही एक निश्चित मात्रा से बनाई जाती है , लेकिन हंगामे और बवाल के बाद ये दवाये भी प्रशासन के निशाने पर है …

सवाल बड़ा ये है की 70 से ज्यादा मौतों के बाद जिस तरह से ताबड़तोड़ कारवाही दिख रही है …
जिस तरह से दारु छोड़िये …. दवा में भी पुलिस अब शराब ढूंढ रही है ….
अगर यही मुस्तैदी समय रहते दिखाई होती तो शायद आज बिहार में मौत का ये मंजर न होता …

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