IOCL की गलती से 30 हजार बीघा टाल में जलजमाव, निरिक्षण को आये कर्मी ने माना हुई चूक!

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रवि शंकर शर्मा :-

मोकामा
IOCL की गलती से 30 हजार बीघा टाल में जलजमाव, निरिक्षण को आये IOCL कर्मी ने माना हुई चूक

मोकामा टाल क्षेत्र में नवंबर महीने बीत जाने के बाद भी अब तक हजारों बीघे जमीन की बुवाई नहीं हो सकी है जिसके चलते स्थानीय किसान परेशान है। वैसे तो पूरा ताल क्षेत्र मे खेती पूरी तरह प्रकृति के रहमो करम पर निर्भर करता है। लेकिन प्रकृति की मार झेल रहे ताल के किसानों को इस बार इंडियन आयल कारपोरेशन के द्वारा बिछाए गए पाइप लाइन के चलते बुआई नही हो पाई है। लगभग 30000 बीघे खेत की बुवाई नहीं हो पाएगी।


दरअसल बरौनी हल्दिया पाइपलाइन बिछाने के बाद उसके ऊपर 3 से 4 फुट मिट्टी जमा हो गई है जिसके चलते जलजमाव की स्थिति अभी तक बनी हुई है मोकामा प्रखंड अंतर्गत आने वाले औंटा टाल विकास समिति की ओर से जब से आइओसीएल को सूचना दी गई तो आईओसीएल के द्वारा एक अधिकारी को निरीक्षण के लिए भेजा गया निरीक्षण के द्वारा अधिकारी ने इस बात को पाया कि काम के समय चूक हुई है जिसके कारण जल जमाव की स्थिति पैदा हुई है।
इसके बाद औटा टाल विकास समिति के द्वारा एक पत्र लिखकर क्षतिपूर्ति के लिए मुआवजे की मांग की गई है साथ ही भविष्य में इस तरह से जलजमाव ना हो इसके लिए जमे हुए मिट्टी को हटाने की मांग की है।


आपको बता दें कि बीते कई वर्षों से इस क्षेत्र के किसानों को जलजमाव की चलते बुवाई में परेशानी हो रही है। बावजूद इसके जिस डाल के रास्ते नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे वहां के किसान आज भी इस समस्या को झेल रहे हैं। ना ही स्थानीय नेता और ना ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यहां के किसानों की ओर ध्यान दे रहे हैं बीते वर्ष भी कई किसानों के खेतो की बुवाई नहीं हो पाई थी।

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