संतोष तिवारी की रिपोर्ट :-
माता सीता और भगवान राम के विवाह की वर्षगांठ 28 नवंबर को हर साल मनाई जाती है पुराणों के अनुसार विवाह पंचमी के दिन यानी की मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर राम-सीता के मंदिरों में पूजा, अनुष्ठान, रामचरितमानस का पाठ किया जाता है. मान्यता है कि जो इस दिन विधि विधान से श्रीराम सीता का विवाह कराता है उसका दांपत्य जीवन खुशियों से भर जाता है, मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा पूरी होती है ।।

इसी कर्म में लकरिढाई आप और हम संगठन द्वारा राम विवाह का आयोजन किया गया जिसमे 26.11.22 को महारुद्राभिषेक का आयोजन किया गया और 27 को मरवा मटकोर और सत्यनारायण पूजन और 28 को राम विवाह और महाप्रसाद का आयोजन किया गया साथ ही राम और सीता माता का बहुभोज का आयोजन 30 को किया जाएगा ।।
इस कार्यकर्म में मुख्य अतिथि के रूप में बाबा गरीबनाथ मंदिर के महंत अभिषेक पाठक और आचार्य राघव ठाकुर और अध्यक्ष गोलू सिंह,शिवम कुमार, ललन महतो,संतोष कुमार,ललन महतो,संतोष महतो,श्रवण कुमार,मनीष कुमार,विनोद चौधरी, नीरज कुमार,बबलू कुमार आदि उपस्थित रहे ।।





