इस्लामपुर का लहठी मंडी हुआ गुलजार,छठ में लाह की लहठी का होता है खासा महत्व!

SHARE:

संतोष तिवारी की रिपोर्ट :-

देश प्रसिद्ध इस्लामपुर का लहठी मंडी हुआ गुलजार,छठ में लाह की लहठी का होता है खासा महत्व

मुज़फ़्फ़रपुर- बिहार में लोक आस्था का महापर्व छठ व्रत को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है । बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर का इस्लामपुर लहठी मंडी जो विभिन्न प्रकार के फैंसी लहठी के लिए देश ही नही विदेशों तक प्रसिद्ध है । बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर के इस लहठी मंडी की बनी हुई लहठी देश के विभिन्न बड़े चेहरे के घर भी भेजी जाती रही है । चाहे वह फ़िल्म स्टार हो क्रिकेट के स्टार हो या राजनेता सभी के घर की महिलाएं इसे खूब पसंद करती है । लहठी बाज़ार में अगर देश मे कहि चर्चा होती है तो बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर जिले के शहरी क्षेत्र के इस्लामपुर लहठी मंडी उसमे सुमार होती है । इस मंडी में वैसे तो हमेशा ही ग्राहकों की ठीक ठाक संख्या रहती है लेकिन खासकर जब बिहार में प्रसिद्ध लोक आस्था का महापर्व छठ हो या सावन तब इस मंडी की रौनक देखते ही बनती है । बिहार में अभी चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हुई है इसको लेकर छठ व्रत करने वाली महिलाओं तथा घर वालो की भीड़ लहठी मंडी में लाह से निर्माण किया हुए लहठी खरीदने के लिए मानो भीड़ उमड़ पड़ा है । मान्यता है कि इस पर्व में चुकी साफ सफाई काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है इसलिए बिना किसी दूसरे चीज़ को मिलाकर लाह की लहठी तैयार की जाती है जो पौराणिक काल से ही इसका डिमांड अच्छा रहा है । छठ व्रत करने वाली महिलाओं से पूछने पर कहि की लाह जंगलों से ही तैयार होता है और काफी शुद्ध माना जाता है इसलिए लाह की लहठी से ही सभी छठ व्रत महिलाएं करती है । तो वही दुकानदार भी काफी उत्साहित हैं चुकी कोरोना काल को लेकर दो वर्ष काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा था दुकानदार को उसकी भरपाई के आस जगी है । आपको बता दे कि बिहार में मनाया जाने वाला चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व नहाय खायें से शुरू होता है जिसके बाद अगले दिन रात को (खड़ना) चन्द्रमा की पूजा महिलाएं विधि विधान से घर मे अलग चूल्हे पर बनाई गई खीर, रोटी से करती है उसके बाद फिर अगले दिन डूबते सूर्य को सभी प्रकार के फलों से नदी तालाब में स्नान कर खड़े होकर अर्घ देती है और अंतिम दिन उगते सूर्य के अर्घ के साथ इस चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन होता है । इस पूजा में शामिल होने सभी बिहार वासी प्रदेशों से अपने घर आते है तथा अपने सपरिवार के साथ मिलकर नए और साफ सुथरा वस्त्र के साथ विभिन्न प्रकार के मिन्नतें पूरा होने आस लगाए रहते है माना जाता है कि जो सच्चे मन से इस पूजा में अपनी मन्नते मांगते है भगवान उसे पूरा जरूर कर देते है ।

बाइट –लहठी दुकानदार
बाइट–छठ व्रत करने वाली महिला ग्राहक

Join us on:

Leave a Comment