बिहार में शराबबंदी रोकने में सरकारी मशीनरी विफल : हाईकोर्ट

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रिपोर्ट-अनमोल कुमार

नीतीश सरकार को पटना हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
कहा-इस कानून से नए तरह के अपराध पैदा हो रहे

पटना : पटना हाईकोर्ट ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर नीतीश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि इस कानून से नए तरह के अपराध पैदा हो रहे हैं। शराबबंदी को उसकी वास्तविक भावना से लागू नहीं किया गया। अधिकारी शराब तस्करी को रोकने में लापरवाही बरत रहे हैं। ये सरकारी मशीनरी की विफलता का परिणाम है।
हाईकोर्ट ने इस मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश करने का आदेश निबंधक को दिया, ताकि इसपर वृहत रूप से सुनवाई की जा सके। न्यायमूर्ति पूर्णेन्दु सिंह की एकल पीठ ने मंगलवार को जमानत के कई मामलों की सुनवाई के बाद अपने 20 पन्नों के आदेश में आठ बिंदुओं पर चर्चा की।
आदेश के मुताबिक, राज्य मशीनरी की विफलता के कारण प्रदेश के नागरिकों का जीवन जोखिम में है। राज्य के बाहर से शराब की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। नेपाल और कई पड़ोसी प्रदेश से राज्य में शराब की तस्करी हो रही है। टैक्स चोरी के साथ-साथ इस धंधे में नाबालिगों को शराब परिवहन में शामिल किया गया है। शराब की तस्करी में नकली पंजीकरण वाले वाहनों का इस्तेमाल हो रहा है। यही नहीं, चोरी के वाहनों का भी उपयोग हो रहा है। कई वाहनों का नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर के साथ छेड़छाड़ करने की शिकायत मिली है। शराबबंदी और उसकी तस्करी पर लगाम लगाने के लिए तैनात अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।
हाईकोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी तलाशी और जब्ती में कर्तव्य का पालन सही तरीके से नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि अनुसंधान में कई खामियां पाई गई हैं। जिसका लाभ अभियुक्तों को मिलना तय है। ऐसे अधिकारियों पर सख्त कदम उठाने में राज्य सरकार विफल रही है, इससे उनका मनोबल बढ़ा हुआ है।

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