रश्मि चौहान बांका :-
नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों का दसवें दिन प्रशिक्षण कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया गया, जिसमें वरीय उप समाहर्ता-सह-प्रभारी पदाधिकारी शालिग्राम शाह तथा डिजास्टर मैनेजमेंटश कंसलटेंट आपदा प्रबंधन शाखा, बांका के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रभारी पदाधिकारी आपदा प्रबंधन के द्वारा आपदा प्रबंधन में कर्मचारी की भूमिका एवं विभिन्न प्रकार की पंजियों का संधारण एवं रख-रखाव पर विस्तार से बताया गया। आपदा के पश्चात राजस्व कर्मचारी की अहम भूमिका होती है, जिसमें खासकर घटना के पश्चात जांच प्रतिवेदन संबंधित सूचनाओं का विश्लेषण कर अपने अंचल अधिकारी को प्रतिवेदित करना है। तत्पश्चात अनुग्रह अनुदान/सहाय्य मानदर के अनुसार प्रभावित व्यक्तियों को भुगतान अंचल अधिकारी के माध्यम से कराने में सहयोग करना है। इसके अलावे आपदा की घटना के पश्चात शीघ्र राहत एवं बचाव कार्य में भागीदारी तथा रिस्पांस के लिए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सूचित करना है। पीड़ित व्यक्तियों के संसाधनों की क्षति का आकलन कर अंचल अधिकारी को सूचित करना आवश्यक है।अनुग्रह अनुदान अभिलेख संधारण की प्रक्रिया संबंधित जानकारियां दिया गया, जिसमें सर्वप्रथम आश्रित के द्वारा आवेदन प्राप्त कर उपलब्ध चेक लिस्ट के अनुसार आवश्यक कागजात को इकट्ठा कर अंचल अधिकारी के माध्यम से अनुशंसा कराकर अनुमंडल कार्यालय को भुगतान के लिए भेजने में सहयोग करेंगे। जिसके पश्चात जिला पदाधिकारी के अनुशंसा एवं स्वीकृति के पश्चात चार लाख रुपए का भुगतान अनुग्रह अनुदान के रूप में देने का प्रावधान है।बताया की राज्य आपदा रिस्पांस कोष एवं नेशनल आपदा रिस्पांस कोष से अधिसूचित प्राकृतिक आपदा तथा राज्य सरकार के द्वारा अधिसूचित स्थानीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों के बीच सहाय्य वितरण हेतु मदो की सूची एवं मान दर के अनुसार राहत वितरण में अंचल अधिकारी को सहयोग करना अपेक्षित है। आपदा के पूर्व आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी सूचनाओं का प्रचार-प्रसार कराना है तथा अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) के माध्यम से प्राप्त मैसेज को अपने अधीनस्थ ग्रुप में जन जागरूकता के लिए शेयर करना हैं।बताया की बांका जिला सुखाड़ प्रवण जिला है। यहां बज्रपात, डूबने की घटना एवं आगजनी की घटना अत्यधिक होती है, जिसके रोकथाम हेतु प्रशिक्षण एवं मॉक-ड्रिल कार्यक्रम किया जाना है, जिससे जन जागरूकता के माध्यम से समुदाय के लोगों को अवगत कराया जा सके। जिले में सांप काटने की घटना अक्सर होती रहती है, जिसमें व्यक्तियों की मृत्यु होती है। सांप काटने के पश्चात पीड़ित व्यक्तियों को नजदीकी प्राथमिक उपचार केंद्र में इलाज के लिए शीघ्र भेजें ताकि वहां उपलब्ध एंटी वेनम सेरम इंजेक्शन चिकित्सक के द्वारा लगाया जा सके। सांप काटने के बाद 2 घंटे के अंदर इलाज के लिए अवश्य भेजा जाए ताकि नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी वेनम सिरम इंजेक्शन लगा कर पीड़ित व्यक्तियों का जान बचाया जा सके। बांका जिला भूकंप के दृष्टिकोण से सिस्मिक जोन IV में है। जिसके कारण भूकंप की घटनाएं होने की संभावना होती है। इस संबंध में प्रशिक्षण के माध्यम से घटना के पश्चात राहत एवं बचाव करने संबंधी जानकारी उपलब्ध दिया गया।




