रिपोर्ट-अनमोल कुमार!
प्रशांत व्यापारी हैं, जिसके लिए वे मार्केटिंग करते रहते हैं
राजनीतिक व्यक्ति नहीं, वे भाजपा के लिए काम कर रहे
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुलाक़ात हाल ही में हुई थी। इसके बाद से प्रशांत के लगातार आ रहे बयानों से सियासी माहौल गर्म हो गया है। इनमें जदयू में शामिल होने का ऑफर मिलने की बात कही गई है। वहीं, अब इस पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि हमने तो पहले ही कहा था कि फिर उसी बात को दोहरा रहा हैं कि प्रशांत किशोर राजनीतिक व्यक्ति नहीं है। वह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। ललन सिंह ने कहा कि प्रशांत किशोर व्यापार करते हैं। अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए वे मार्केटिंग करते रहते हैं। इस तरह की चर्चा भी उनके मार्केटिंग का हिस्सा है। जदयू में शामिल होने के ऑफर की बात पर उन्होंने साफ कहा कि उनको किसी तरह का कोई ऑफर नहीं मिला था। जब प्रशांत किशोर ने जदयू में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की थी तब सीएम नीतीश कुमार ने कहा था कि पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से मिलिए। तब हमसे वे दिल्ली में मिले थे। हमारे बीच डेढ घंटे तक बातचीत भी हुई। मैंने साफ तौर पर कह दिया कि दल में अनुशासन में रहकर आपको काम करना होगा। दल का निर्णय सभी को स्वीकार करना होगा। ये दो शर्त मानिएगा तब पार्टी के अंदर काम कर सकते हैं। जिसके बाद ही प्रशांत ने सीएम नीतीश कुमार से मिलने की इच्छा व्यक्त की थी। सीएम ने मिलने का 4 बजे का समय दिया था। जदयू अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली से पटना आने से पहले प्रशांत किशोर ने दोपहर 2 बजे सभी मीडिया कर्मियों को फोन करके इस बात की जानकारी दे दी थी। मीडिया से उन्होंने कहा कि हम पटना आ रहे हैं। हमें बुलाया गया है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मेरा इंतजार करेंगे लेकिन हम जाएंगे नहीं। ललन सिंह ने कहा कि ये सब क्या है मार्केटिंग का हिस्सा ही तो है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पवन वर्मा भी आए हुए थे। पवन वर्मा ने भी नीतीश कुमार से कहा था कि प्रशांत किशोर भी आपसे मिलना चाहते है। जिसके बाद सीएम नीतीश ने कहा था कि ठीक है ले आएं, मिलने में क्या हर्ज है।




