पंकज कुमार जहानाबाद।
जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक आयोजित कर संबंधित पदाधिकारियों एवं चिकित्सकों को आवश्यक निदेश दिया।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने निदेश दिया कि जहानाबाद जिले में जितने भी हाईरिस्क गर्भवती महिलाएं हैं, उनका सर्वेक्षण कर उसका ट्रैकिंग करते हुए सभी सुविधा उपलब्ध कराया जाए। साथ हीं लो वेट बर्थ चाईड के ट्रेकिंग हेतु प्रखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष का गठन करने का निदेश दिया तथा प्रतिदिन हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं को फोन के माध्यम से काउसंलिंग कर हेल्थ की जानकारी देना है तथा किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर अविलम्ब एम्बुलेंस के माध्यम से महिला को स्वास्थ्य केन्द्र अथवा सदर अस्पताल तक लाना है और नियंत्रण कक्ष से हीं लो वेट बर्थ चाइल्ड के ट्रेकिंग के अनुसार बच्चे को काउंसलिंग के माध्यम से उपचार करने का निदेश दिया गया। साथ हीं प्रखंड स्तर पर दस-दस ऐसे आँगनबाड़ी केन्द्र को चिन्हित कर उसे माॅडल के रूप में विकसित करने का निदेश दिया गया, जिससे आई.आर. एवं ए.एन.सी. की सुविधा दिया जाएगा।
जहानाबाद जिले में संस्थागत प्रसव विगत 4 महीनों के 29% से बढ़कर अगस्त माह में 45% हो गया है जिसके लिए जिला पदाधिकारी द्वारा संस्थागत प्रसव में वृद्धि होने पर संतोष व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य से संबंधित सरकारी संस्थाओं एवं व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जेबीएसवाई का नियमित रूप से अनुश्रवण करते हुए लाभार्थियों के भुगतान को अपडेट करना सुनिश्चित करेंगे। संस्थागत प्रसव की संवेदनशीलता को दृष्टिकोण में रहकर निर्देश दिया गया कि अवैध रुप से संचालित निजी नर्सिंग होम पर क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत कार्रवाई करेंगे। साथ ही जिन नर्सिंग होम ने निबंधन नहीं कराया है उन पर भी कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। बैठक में निदेश दिया गया कि सभी आशा कार्यकत्ता एवं ए.एन.एम. द्वारा महिलाओं को संस्थागत प्रसव हेतु जागरूक किया जाए।
बैठक में जहानाबाद जिले में एनिमिया के प्रसार पर परिचर्चा की गई। लगभग 72% गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रसित है, जिसके लिए जिला पदाधिकारी ने सतत अभियान चलाकर 2 प्रखंडों को चिन्हित कर
एंटीनेटल केयर को बेहतर एवं सुदृढ़ करने हेतु पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ करने के लिए 20 प्राथमिक केंद्रों को चयनित कर सुव्यवस्थित करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने सभी चिकित्सकों को निदेश दिया कि भारत सरकार के पोर्टल पर अपना-अपना रोस्टर अपलोड करेंगे, जिसमें अनिवार्य रूप से कौन से चिकित्सक कितना ओ.पी.डी. करते है वो अंकित होना चाहिए। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले में 14 ऐसे चिकित्सक है, जिन्होंने अगस्त माह शून्य ओ.पी.डी. किया है, जिसके लिए जिला पदाधिकारी ने अग्रेतर कार्रवाई करने का निदेश दिया। साथ हीं यह भी निदेश दिया गया कि सभी चिकित्सको को प्रतिदिन कम-से-कम 40 मरीजों का उपचार करना अनिवार्य है। जिले में 109 रोस्टर में चिकित्सक कार्यरत है, जिनके द्वारा प्रतिदिन मात्र 15 मरीजों को हीं देखा जा रहा है, 109 चिकित्सक में 39599 ओ.पी.डी. किया गया है। मोदनगंज में सबसे कम ओ.पी.डी. 23 प्रतिशत किया गया है, जिसके लिए असंतोष व्यक्त कर तथा शतप्रतिशत ओ.पी.डी. करने का निदेश दिया गया।
बैठक में आई.सी.डी.एस. एवं जीविका द्वारा अभियान चला कर ए.एन.सी. को पूरा करने का निदेश दिया गया। बैठक में जननी एवं बाल सुरक्षा के तहत् गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली लाभ में सबसे ज्यादा लंबित मामला सिकरिया एवं मखदुमपुर का है, जिसे दो दिनों के अंदर अग्रेतर कार्रवाई करने का निदेश दिया गया तथा स्पष्टीकरण करने का निदेश सिविल सर्जन को दिया गया।




