दो साल बाद हुये मोहर्रम मेले में उमड़े हजारों हिन्दू – मुस्लिम ने दिया गंगा जमुनी तहजीब का परिचय!

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ऋषिकेश की रिपोर्ट :-

दो सालों से लगातार कोरोना काल मे मुहर्रम का नौबत खाना नही निकल पाया था लेकिन इस बार प्रशासन के द्वारा अनुमति मिलने के बाद पूरे बिहार शरीफ शहर से मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा है।इसी कड़ी में कई वर्षों से परंपरागत तरीके से कोनासराय नौबतखाना को अच्छी तरह से सजाकर मोहर्रम का अखाड़ा अच्छे ढंग से निकाला जा रहा है।चप्पे चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।हर चौक चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। यहां की खासियत यह है कि यहां हिंदू मुस्लिम सभी मिलकर अखाड़ा को देखने के लिए हजारों की संख्या में कोना सराय पहुंचते है। इस मौके जदयू नेता अकबर अली ने लोगो से अपील किया कि आप सभी गंगा जमुनी तहज़ीब का परिचय देकर इस त्योहार को मनाए। उनोहने कहा कि हजरत इमाम हुसैन अपने इस्लाम की रक्षा के लिए 72 साथियों के साथ शहादत दे दी थी. इसमें उनका परिवार भी शामिल था. इस कुर्बानी की याद में मोहर्रम मनाया जाता है. इतिहास में बताया गया है कि मुहर्रम के महीने की 10 वीं तारीख को इमाम हुसैन और यजीद की सेना के बीच कर्बला की जंग हुई थी।

बाइट।अकबर अली जदयू नेता

ऋषिकेश संवाददाता नालंदा

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