धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट :-
अपनी बेटी व नातिन के लिए न्याय की गुहार लगाते दर दर की ठोकडे खाने को मजबूर है एक पिता
बेटी को न्याय दिलवाने व उसका परिवार बसाने का लिए दर दर भटकने को मजबूर है एक बाप
एक बेवफा पति की बेवफाई से एक पत्नी का जीवन हो रहा है बर्बाद
पहली पत्नी रहते हुए समाज को दिखलाने के लिए लड़की के बेवफा पति ने की शादी
पीड़ित लड़की की गोद में है एक मासूम बच्ची
पति अपनी पहली मुस्लिम पत्नी व बच्ची के साथ रहता है कोलकत्ता व दूसरी पत्नी अपने पति की बेवफाई से है त्रस्त
मामला दर्ज होने के आठ महीनों से अधिक का समय बीतने के बाद भी हरसिद्धि पुलिस नही कर रही है कोई कार्यवाही
एसपी से लेकर डीएसपी व बिधायक सभी ने दिया है पति को गिरफ्तार करने का आदेश लेकिन थाना नही ले रहा है कोई एक्शन
पीड़ित पत्नी के पिता लगातार लगा रहा है थाना व वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लेकिन थाना नही कर रहा है कोई सुनवाई
मोतिहारी में एक बेवफा पति की बेवफाई से एक परिवार सदमे में है और बेवफा लड़के के कारण एक बाप व एक बेटी दर दर की ठोकडे खाने को मजबूर है,, आलम ये है कि आज एक लड़की अपनी बेटी के साथ न्याय नही मिलने की सूरत में आत्मदाह की धमकी दे रही है ।मामला मोतिहारी के घोड़ासहन की है जहां के टोला लय के रहने वाले सुरेंद्र प्रसाद ने अपनी एकलौती बेटी नेहा की शादी वर्ष 2020 में पहाड़पुर थाना क्षेत्र के सकलदीपि टोला में रामा प्रसाद के पुत्र चंदन कुमार जो कि कोलकाता के एक चॉकलेट कंपनी में एरिया मैनेजर का काम करता है ,उसके साथ बड़े ही धूमधाम से की व लड़के वालों द्वारा मांगे गए मुहमांगी रकम व दहेज दान में दिया ताकि उसकी बेटी सुखी जीवन जी सके ।लेकिन उन्हें कहाँ मालूम था कि जिस लड़के के साथ वो अपनी बेटी की शादी करा रहा है वो बेवफा निकलेगा और वो उसे व उसके बेटी को ऐसी दगा देगा कि वो कहीं का नही रहे ।हुआ भी कुछ ऐसा ही ,,शादी के चंद महीने बाद जब नेहा का पति कोलकाता गया तो वो उसके बाद घर वापस आया ही नही और इसी बीच नेहा ने एक बच्ची को भी जन्म दे दिया । फिर जब बार बार फोन करने पर उसका पति चंदन जब घर आने को राजी नही हुआ तो उसने अपनी आपबीती अपने मायके वालों को बताया और जब मायके वालों ने इसकी तहकीकात की तो पता चला कि उसका दामाद पखले से ही शादीसुदा है और उसकी एक छह साल की बेटी भी है और उसने एक मुस्लिम लड़की से प्रेम विवाह शादी से छह साल पहले ही कर ली थी जिसके साथ वो कोलकत्ता में रहता था । लड़की वालों को जब ये बात पता चला तो उसने लड़के वालों के यहां काफी प्रयास किया कि उनका दामाद घर वापस आकर उनकी बेटी को या तो अपने साथ लेकर जाय या फिर घर पर आकर रहे लेकिन ससुराल पक्ष ने उसका साथ नही दिया और उसे वहां से भगा दिया । लड़की व उसके परिजनों ने जब लड़के व उसकी पूर्व पत्नी से बात की तो दोनों ने ये कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि उसने सिर्फ समाज व गांव वालों को दिखावे व परिजनों के दबाब में उसके साथ शादी की है अब वो कभी उसके पास वापस नही आएगा ।फिर कोई दूसरा रास्ता इनलोगो के पास नही बचा तो इनलोगो ने पहाड़पुर पुलिस का शरण लिया व लड़का व उसके परिजनों पर मुकदमा कर दिया लेकिन यहाँ भी उसे निराशा हाँथ लगी क्योकि लड़के वालों ने स्थानीय थाना को पैसे व अपने पैरवी के बल पर मैनेज कर रखा था । बार बार मिन्नते करने के बाद भी जब थाना ने उनकी नही सुनी तो पीड़ित लड़की व उसके पिता ने मोतिहारी एसपी से न्याय की मांग की लेकिन इन सभी चीजों में आठ माह से अधिक बीत जाने के बाद भी अबतक पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की है और पीड़ित लड़की व उसका बाप आज दर दर की ठोकडे खाने को मजबूर है और उसकी कोई सुनने वाला नही ।केस के जांच अधिकारी का मन इस कदर बढ़ा हुआ है कि मोतिहारी एसपी के दो दो बार कहने व डीएसपी व स्थानीय बिधायक के आदेश को वो नही मानता है ।मोतिहारी पुलिस के इस जांच अधिकारी के कारण आज मोतिहारी पुलिस की किरकिरी हो रही है लेकिन जांच अधिकारी है कि वो किसी की सुनता ही नही ।सुशाशन की सरकार की ये पुलिस बिहार सरकार की कार्यशैली की असलियत दिखलाने के लिए काफी है जहां का एक दारोगा अपने एसपी व डीएसपी और बिधायक की बात नही सुनता है ।ऐसे में मोतिहारी पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक है ।
मोतिहारी से धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट




