:- अमित सिंह की रिपोर्ट
मोकामा के सुप्रसिद्ध दुखहरण मंदिर में महाशिवरात्रि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी धूमधाम से सम्पन्न हुआ।
सारी रात भजन कीर्तन होता रहा और इस बीच साथ विवाह की विधियाँ भी सम्पन्न होती रहीं।
महिलाएं पारंपरिक विवाह गीत गाती नजर आईं तो पुरुष भजन करते नजर आए।
इस दौरान दुखहरण महादेव और माता सती मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया था।
ज्ञानी ब्राह्मणों की उपस्थिति में पूरे विधि विधान से विवाह की रश्में पूरी की गई।
इस अवसर पर ईलाके भर के श्रद्धालु मंदिर परिसर में सारी रात आते जाते नजर आए।
ऐसी मान्यता है कि दुख हरण महादेव सभी कष्टों का हरण करने वाले हैं। जिनके दरबार से कोई भी निराश अथवा खाली हाथ नही लौटता है।
यही कारण है कि हाथीदह जंक्शन के समीप गंगा तट पर स्थित इस प्राचीनतम मंदिर का नाम दुखहरण महादेव मंदिर है।
यहाँ महादेव साक्षात दुखहरण के रूप में विराजमान हैं।
इनके दर्शन और पूजा अर्चना से सभी कष्टों से मुक्ति तो मिलती ही है साथ ही मनोवांछित फल भी प्राप्त होता है।




